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Amit Shah: नदियां जोड़ने से 100 साल तक नहीं होगी पानी की कमी

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Amit Shah ने Southern Zonal Council Meeting में River Linking और Water Security पर जोर दिया। • Source: India TV hindi
Source : Amarujala

मुख्य बिंदु

  • Amit Shah: नदियां जोड़ने से 100 साल तक नहीं होगी पानी की कमी पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
  • सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
  • ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
  • नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।

Amit Shah: Water Crisis पर अमित शाह ने कहा- Brahmaputra, Godavari और Kaveri को जोड़ने से देश को लंबे समय तक राहत मिल सकती है

Amit Shah ने भारत में भविष्य की Water Security को लेकर बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि अगर Brahmaputra, Godavari और Kaveri जैसी प्रमुख नदियों को आपस में जोड़ने की दिशा में काम किया जाता है, तो भारत में अगले 100 वर्षों तक पानी की कमी की समस्या नहीं होगी। उन्होंने यह बात तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पास कोवलम में आयोजित 31वीं Southern Zonal Council Meeting की अध्यक्षता करते हुए कही।Water Crisis को दक्षिणी राज्यों के विकास से जोड़ते हुए गृह मंत्री ने कहा कि पानी खेती, उद्योग, स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्यों का अपने हितों की रक्षा करना गलत नहीं है, लेकिन अगर विवादों के कारण पानी वर्षों तक इस्तेमाल नहीं हो पाता और समुद्र में बह जाता है, तो इसका किसी को फायदा नहीं मिलता।

River Linking से Water Security को मिलेगा बढ़ावा

River Linking को लेकर अमित शाह ने कहा कि बड़ी नदियों को आपस में जोड़ने से देश में पानी की उपलब्धता को बेहतर तरीके से संतुलित किया जा सकता है। इससे केवल सिंचाई और पेयजल की जरूरतें पूरी करने में मदद नहीं मिलेगी, बल्कि कई नए Waterways भी विकसित किए जा सकते हैं।उन्होंने कहा कि Waterways के विकास से ईंधन की खपत कम हो सकती है और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। इसके अलावा देश को कम लागत वाला Transport System मिल सकता है। इस तरह River Linking को केवल पानी की समस्या का समाधान नहीं, बल्कि विकास और परिवहन से जुड़ी बड़ी पहल के तौर पर भी देखा जा सकता है।

Southern States में जल विवाद सुलझाने पर जोर

Southern States से जुड़े लंबे समय से लंबित जल विवादों को जल्द सुलझाने पर भी बैठक में जोर दिया गया। Amit Shah ने Jal Shakti Ministry, Home Ministry और Inter-State Council के साथ संबंधित राज्यों की संयुक्त बैठकें आयोजित करने की जरूरत बताई।बैठक में दक्षिणी राज्यों ने भी आपसी बातचीत और रचनात्मक समाधान के जरिए पानी से जुड़े लंबित विवादों को जल्द सुलझाने के सुझाव पर सहमति जताई।Andhra Pradesh और Telangana के बीच संपत्तियों और देनदारियों के बंटवारे से जुड़े मामलों पर भी चर्चा हुई। दोनों राज्यों ने Home Ministry के साथ बातचीत के जरिए इन मुद्दों को सुलझाने पर सहमति जताई।

South India के विकास की अमित शाह ने की तारीफ

South India के देश की प्रगति में योगदान की तारीफ करते हुए Amit Shah ने कहा कि दक्षिण भारत ने साहित्य, Research and Development, Space, IT, AI, Industry और Agriculture जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।उन्होंने कहा कि IT, Automobile, Pharmaceuticals और Infrastructure के विकास में दक्षिण भारत की बड़ी भूमिका रही है। इसी वजह से इस क्षेत्र में बड़े स्तर पर Foreign Direct Investment (FDI) भी आया है।Amit Shah ने South India की विकास यात्रा के तीन प्रमुख आधार बताए—High Literacy Rate, Skilled Workforce और Deep-Sea Technology। उन्होंने कहा कि इन क्षमताओं ने दक्षिण भारत को देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता बनाया है।

Zonal Council में 1,445 मुद्दों का समाधान

Zonal Council की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि 2014 के बाद इसे अधिक प्रभावी मंच बनाने की कोशिश की गई। उन्होंने बताया कि 2004 से 2014 के दौरान परिषद की औसतन ढाई बैठकें हर साल होती थीं, जबकि अब हर साल करीब छह बैठकें हो रही हैं।उन्होंने कहा कि 2014 से अब तक 70 Zonal Council Meetings आयोजित हुई हैं। इनमें कुल 1,869 मुद्दे उठाए गए, जिनमें से 1,445 मामलों का समाधान किया जा चुका है। यह कुल मामलों का लगभग 80 प्रतिशत है।

Education और Nutrition पर भी फोकस

Education को लेकर Amit Shah ने कहा कि देश में School Dropout Rate को और कम करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में देश की Dropout Rate 9.5 है। उनके मुताबिक राज्यों द्वारा छोटे-छोटे सुधार किए जाएं तो इसे 3 प्रतिशत से नीचे लाया जा सकता है।उन्होंने Malnutrition और Stunting को भी गंभीर चुनौती बताया। शाह ने कहा कि बच्चों के शारीरिक विकास में रुकावट और कुपोषण आने वाली पीढ़ियों की क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए इन समस्याओं से निपटने के लिए राज्यों और केंद्र को मिलकर प्रभावी कदम उठाने होंगे।

Southern Zonal Council Meeting में कौन-कौन रहा मौजूद?

Southern Zonal Council Meeting में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार, केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।इसके अलावा पुडुचेरी के उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल डीके जोशी, लक्षद्वीप के प्रशासक प्रफुल्ल पटेल और तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री भट्टी विक्रमार्क मल्लू समेत केंद्र और राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में हिस्सा लिया।

TAGS: AmitShah WaterCrisis RiverLinking SouthernZonalCouncil MHA
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Suhani

सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।

प्रकाशित तिथि: 21 Aug 2026
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