Mon, Oct 05, 2026 | 6:01 PM IST
होम राजनीति
मेनू
बिज़नेस प्रोफ़ाइल
होम › भारत › Indira Ekadashi 2026: पितृ प�...
भारत

Indira Ekadashi 2026: पितृ पक्ष में क्यों है सबसे खास? जानें व्रत, मुहूर्त और महत्व

S
पितृ पक्ष में 6 अक्टूबर को रखा जाएगा इंदिरा एकादशी का व्रत • Source: TMINS
Source : Jagran

मुख्य बिंदु

  • Indira Ekadashi 2026: पितृ पक्ष में क्यों है सबसे खास? जानें व्रत, मुहूर्त और महत्व पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
  • सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
  • ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
  • नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।

Indira Ekadashi 2026: पितरों की मुक्ति से जुड़ी है यह एकादशी, जानें पूजा और पारण का समय!

Indira Ekadashi 2026: हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना गया है। साल में कुल 24 एकादशियां आती हैं और हर एकादशी का अपना अलग धार्मिक महत्व होता है। इन्हीं में से एक है इंदिरा एकादशी, जो आश्विन माह के कृष्ण पक्ष में पड़ती है। इस एकादशी की खास बात यह है कि यह पितृ पक्ष के दौरान आती है। इसी वजह से इसे पितरों की शांति, तृप्ति और मोक्ष से जोड़कर देखा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इंदिरा एकादशी का व्रत करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है और पूर्वजों के प्रति श्रद्धा अर्पित करने का विशेष फल मिलता है।

6 अक्टूबर को रखा जाएगा इंदिरा एकादशी व्रत

इस साल इंदिरा एकादशी का व्रत 6 अक्टूबर 2026, मंगलवार को रखा जाएगा। यह व्रत आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं में इसे श्राद्ध एकादशी और पितृमोक्षदा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। पितृ पक्ष में पड़ने के कारण इस एकादशी का महत्व सामान्य एकादशी की तुलना में अधिक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने के साथ पितरों का स्मरण करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है।

इंदिरा एकादशी 2026 की तिथि और समय

पंचांग के अनुसार, इस बार एकादशी तिथि का प्रारंभ 6 अक्टूबर 2026 को सुबह 2 बजकर 7 मिनट पर होगा। वहीं एकादशी तिथि का समापन 7 अक्टूबर 2026 को रात 12 बजकर 34 मिनट पर होगा। उदयातिथि के अनुसार व्रत 6 अक्टूबर को रखा जाएगा। इस दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा करते हैं और अपनी क्षमता के अनुसार निर्जल या फलाहार व्रत रखते हैं।

कब होगा इंदिरा एकादशी का पारण?

एकादशी व्रत के अगले दिन द्वादशी तिथि में पारण किया जाता है। उपलब्ध पंचांग विवरण के अनुसार इंदिरा एकादशी 2026 का पारण 7 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 17 मिनट से 8 बजकर 38 मिनट तक किया जा सकता है। हिंदू धार्मिक मान्यताओं में एकादशी व्रत का पारण निर्धारित समय के भीतर करना महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं को अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार पारण का समय जरूर देख लेना चाहिए।

पितृ पक्ष में क्यों खास है इंदिरा एकादशी?

इंदिरा एकादशी को खास बनाने वाली सबसे बड़ी वजह इसका पितृ पक्ष में पड़ना है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन व्रत और भगवान विष्णु की पूजा करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। यही कारण है कि इसे पितरों की मुक्ति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण एकादशी माना जाता है। मान्यता है कि अगर किसी व्यक्ति से पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध या तर्पण जैसे कर्म किसी कारणवश नहीं हो पाए हों, तो इंदिरा एकादशी का व्रत श्रद्धा के साथ करना विशेष फलदायी हो सकता है। हालांकि, इसे श्राद्ध कर्म का पूरी तरह विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

ऐसे करें भगवान विष्णु की पूजा

इंदिरा एकादशी के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान की सफाई करने के बाद भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। भगवान को पीले फूल, फल और तुलसी दल अर्पित करें। इसके बाद विष्णु मंत्र का जाप और एकादशी व्रत कथा का पाठ किया जा सकता है। पितृ पक्ष होने के कारण इस दिन पितरों का स्मरण और उनके लिए प्रार्थना करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को भोजन या अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान करना भी धार्मिक दृष्टि से पुण्यकारी माना गया है।

पितरों की कृपा से जुड़ी है मान्यता

धार्मिक विश्वास के अनुसार इंदिरा एकादशी का व्रत करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार पर पूर्वजों की कृपा बनी रहती है। साथ ही भगवान विष्णु की आराधना से सुख, शांति और आध्यात्मिक उन्नति की कामना की जाती है।

TAGS: IndiraEkadashi2026 IndiraEkadashi EkadashiVrat PitruPaksha LordVishnu
S

Suhani

सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।

प्रकाशित तिथि: 05 Oct 2026
लेखक के बारे में और जानें

टिप्पणी लिखें

बातचीत में शामिल होने के लिए कृपया साइन इन करें।

टिप्पणी करने के लिए साइन इन करें

खाता नहीं है? साइन अप करें

Sign In with Email
पासवर्ड भूल गए?

By signing in, you agree to our Terms of Service and Privacy Policy.

Don't have an account? Create Account