मुख्य बिंदु
- Ganesh Chaturthi 2026: 3 शुभ मुहूर्त में करें स्थापना पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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Ganesh Chaturthi 2026: पहला मुहूर्त छूटा? इन 3 शुभ समय में लाएं बप्पा!
Ganesh Chaturthi 2026 पर इन शुभ समय में करें गणपति स्थापना
Ganesh Chaturthi 2026 का पर्व 14 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस दिन घर-घर में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है। गणपति बप्पा को घर लाने और उनकी स्थापना के लिए मध्याह्न काल को विशेष महत्व दिया जाता है। हालांकि, अगर आप सुबह के मुख्य स्थापना मुहूर्त में गणपति की स्थापना नहीं कर पाए हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है।14 सितंबर को सुबह के मुख्य मुहूर्त के बाद भी दिन में चर, लाभ और अमृत चौघड़िया के शुभ समय उपलब्ध हैं। इन मुहूर्तों में श्रद्धालु गणपति बप्पा को घर लाकर विधि-विधान से उनकी स्थापना कर सकते हैं।
Ganesh Chaturthi 2026: स्थापना के 3 शुभ मुहूर्त
गणेश चतुर्थी के दिन सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाने के बाद इन तीन चौघड़िया को गणपति स्थापना के लिए शुभ माना जा रहा है।
| मुहूर्त | समय |
|---|---|
| चर मुहूर्त | दोपहर 1:49 बजे से 3:22 बजे तक |
| लाभ मुहूर्त | शाम 3:22 बजे से 4:55 बजे तक |
| अमृत मुहूर्त | शाम 4:55 बजे से 6:28 बजे तक |
इस तरह जिन लोगों से सुबह के समय गणपति स्थापना नहीं हो पाई है, वे दोपहर 1:49 बजे से शाम 6:28 बजे के बीच इन शुभ चौघड़िया में अपनी सुविधा के अनुसार बप्पा को घर ला सकते हैं।
चर मुहूर्त में कर सकते हैं गणपति स्थापना
चर मुहूर्त दोपहर 1:49 बजे से 3:22 बजे तक रहेगा। अगर सुबह के मुख्य समय में आप गणपति को घर नहीं ला पाए हैं, तो इस अवधि में बप्पा की स्थापना की जा सकती है। गणपति की प्रतिमा को घर लाने से पहले पूजा स्थल को साफ कर लें। इसके बाद शुभ स्थान पर चौकी लगाकर उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं और भगवान गणेश को विराजमान करें।
लाभ मुहूर्त भी है शुभ
चर मुहूर्त के बाद लाभ चौघड़िया शुरू होगा। यह समय शाम 3:22 बजे से 4:55 बजे तक रहेगा। इस दौरान भी गणपति स्थापना की जा सकती है। स्थापना के बाद भगवान गणेश को फूल, दूर्वा, अक्षत और मोदक अर्पित करें। इसके बाद गणेश जी की आरती और मंत्र जाप करें।
अमृत मुहूर्त में भी ला सकते हैं बप्पा
अमृत मुहूर्त शाम 4:55 बजे से 6:28 बजे तक रहेगा। अगर दोपहर में गणपति स्थापना नहीं कर पाए हैं तो इस समय का भी लाभ लिया जा सकता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान गणेश को प्रथम पूज्य माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश पूजा से करना मंगलकारी माना जाता है। गणेश चतुर्थी पर घर में बप्पा की स्थापना कर श्रद्धा और भक्ति के साथ उनकी पूजा करने से सुख-समृद्धि और शुभता की कामना की जाती है।
सुबह का मुख्य मुहूर्त निकल जाए तो क्या करें?
गणेश चतुर्थी पर गणपति स्थापना के लिए मध्याह्न काल को विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यता है कि भगवान गणेश का जन्म मध्याह्न काल में हुआ था। इसलिए इस अवधि में उनकी स्थापना और पूजा को विशेष शुभ माना जाता है। लेकिन अगर किसी वजह से सुबह या मध्याह्न के मुख्य मुहूर्त में स्थापना नहीं हो पाती है, तो दिन के उपलब्ध शुभ चौघड़िया में बप्पा को घर लाया जा सकता है। सबसे जरूरी है कि गणपति स्थापना श्रद्धा, स्वच्छता और विधि-विधान के साथ की जाए।
गणपति स्थापना में इन बातों का रखें ध्यान
गणपति की प्रतिमा स्थापित करने से पहले पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई करें। प्रतिमा को सीधे जमीन पर रखने के बजाय चौकी पर स्थापित करें। भगवान गणेश को दूर्वा, लाल फूल और मोदक अर्पित करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान गणेश मंत्र का जाप करें और अंत में आरती करें। गणपति स्थापना के बाद अपनी श्रद्धा और परंपरा के अनुसार नियमित रूप से बप्पा की पूजा करें।
नोट: ऊपर बताए गए मुहूर्त दिए गए स्थान के पंचांग के आधार पर हैं। अलग-अलग शहरों में चौघड़िया के समय में थोड़ा अंतर हो सकता है। इसलिए अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार समय की पुष्टि जरूर करें।
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