Prayagraj Flood: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगातार बारिश के बीच गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ते जलस्तर के कारण संगम क्षेत्र पूरी तरह जलमग्न हो गया है। संगम की जिन सड़कों पर आम दिनों में वाहनों की आवाजाही होती है, वहां अब नाव चलती नजर आ रही है। बाढ़ का पानी लेटे हनुमान मंदिर तक भी पहुंच गया है।जलस्तर बढ़ने के साथ संगम और आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। प्रशासन और संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
संगम की सड़कों पर चल रही नाव
गंगा और यमुना के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी के कारण संगम क्षेत्र की कई सड़कें पानी में डूब गई हैं। सामान्य दिनों में जहां श्रद्धालु और वाहन आसानी से पहुंचते हैं, वहां अब पानी भर गया है।संगम क्षेत्र में बाढ़ का असर साफ दिखाई दे रहा है। पानी बढ़ने के कारण कई जगहों पर आवागमन प्रभावित हुआ है। लेटे हनुमान मंदिर तक पानी पहुंचने से श्रद्धालुओं की आवाजाही पर भी असर पड़ रहा है।
लगातार बारिश से बढ़ी चिंता
प्रयागराज में पिछले कुछ समय से हो रही लगातार बारिश ने हालात को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है। गंगा और यमुना दोनों नदियां फिलहाल खतरे के निशान के आसपास बह रही हैं। अगर जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।बाढ़ का पानी आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने से जलभराव की स्थिति भी बन रही है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है और स्थिति के अनुसार जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।
रेल संचालन पर भी पड़ा असर
बढ़ते जलस्तर और बारिश का असर रेल सेवाओं पर भी दिखाई दिया है। रेल पटरियों और यार्ड में पानी भरने के कारण पूर्वोत्तर रेलवे के रामबाग स्टेशन से चलने वाली चार पैसेंजर ट्रेनों का संचालन अस्थायी रूप से झूंसी स्टेशन से किया जा रहा है।उत्तर पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि पिछले 24 घंटों में हुई भारी बारिश के कारण प्रयागराज शहर बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हुआ है। रामबाग स्टेशन और आसपास के रेल क्षेत्र में पानी भरने के कारण ट्रेन संचालन में बदलाव किया गया है।
निचले इलाकों में बढ़ सकती है परेशानी
गंगा और यमुना का जलस्तर अभी खतरे के निशान के आसपास है। ऐसे में आने वाले समय में अगर नदियों का पानी और बढ़ता है तो निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।स्थानीय लोगों को जलस्तर पर नजर रखने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। खासकर नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचना जरूरी है।फिलहाल प्रयागराज के संगम क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन के सामने स्थिति को नियंत्रित रखने की चुनौती बनी हुई है।
TAGS:
PrayagrajFlood
GangaYamuna
PrayagrajNews
FloodUpdate
Sangam
S
सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है।
वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।
टिप्पणी लिखें
बातचीत में शामिल होने के लिए कृपया साइन इन करें।
टिप्पणी करने के लिए साइन इन करेंखाता नहीं है? साइन अप करें