मुख्य बिंदु
- PM Modi Kyrgyzstan Visit: SCO Summit में होंगे शामिल पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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PM Modi Kyrgyzstan Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय किर्गिस्तान दौरे पर बिश्केक पहुंच गए हैं। किर्गिस्तान पहुंचने पर उनका स्वागत कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन कासिमालिएव आदिलबेक अलेशोविच ने किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वागत के लिए पारंपरिक किर्गिज नृत्य कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
प्रधानमंत्री मोदी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर झापारोव के निमंत्रण पर 26वें एससीओ शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे हैं। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री कई प्रमुख नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इन बैठकों में भारत और मध्य एशियाई देशों के बीच संबंधों, सुरक्षा, संपर्क और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा होने की उम्मीद है।
दौरे के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी बिश्केक में फ्रेंड्स ऑफ इंडिया से मुलाकात करेंगे। इसके बाद वह महात्मा गांधी मेमोरियल पार्क जाएंगे और महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री मोदी ने 2015 में अपनी किर्गिस्तान यात्रा के दौरान किया था।
प्रधानमंत्री मोदी की आज कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठकें प्रस्तावित हैं। इनमें आर्मेनिया, किर्गिस्तान और ईरान के राष्ट्राध्यक्षों के साथ बैठक शामिल है। इसके अलावा प्रधानमंत्री रूस के राष्ट्रपति के साथ भी द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में आपसी संबंधों के साथ-साथ व्यापार, निवेश, सुरक्षा और क्षेत्रीय सहयोग जैसे मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है।
प्रधानमंत्री मोदी आज छठे विश्व नोमाड खेलों के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। यह आयोजन मध्य एशिया की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक खेलों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करता है। प्रधानमंत्री की इसमें भागीदारी भारत और मध्य एशिया के बीच सांस्कृतिक संबंधों को भी मजबूत करने का संदेश देती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1 सितंबर को 26वें शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन को संबोधित करेंगे। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “एससीओ के 25 वर्ष: सतत शांति, विकास और समृद्धि की ओर साथ मिलकर” रखी गई है।
सम्मेलन में आतंकवाद, क्षेत्रीय स्थिरता और सीमा-पार खतरों जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग, संपर्क व्यवस्था, आर्थिक विकास और क्षेत्रीय समन्वय को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने रवाना होने से पहले दिए गए बयान में कहा था कि भारत सुरक्षा, संपर्क और अवसर के दृष्टिकोण के आधार पर मध्य एशिया के साथ अपने सहयोग को आगे बढ़ाना चाहता है। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए एससीओ देशों के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही।
प्रधानमंत्री का यह किर्गिस्तान दौरा भारत और मध्य एशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस यात्रा के दौरान होने वाली बैठकों से राजनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा और सांस्कृतिक क्षेत्रों में भारत के संबंधों को और मजबूत करने की उम्मीद है।
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