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Sawanमें व्रत क्यों रखा जाता है?

Kirti Sharma
Devotees observe fasting during Sawan and offer prayers and Jal Abhishek to Lord Shiva as a symbol of devotion and spiritual discipline. • Source: Dainik bhaskar
Source : Dainik bhaskar

मुख्य बिंदु

  • Sawanमें व्रत क्यों रखा जाता है? पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
  • सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
  • ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
  • नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।

Sawan : का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र और शुभ माना जाता है। इस महीने में आने वाले प्रत्येक सोमवार का विशेष धार्मिक महत्व होता है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु पूरे श्रद्धा-भाव और विधि-विधान से सावन सोमवार का व्रत रखते हैं तथा भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं, उन पर भोलेनाथ की विशेष कृपा बनी रहती है। भगवान शिव अपने भक्तों के सभी कष्ट दूर करते हैं और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यही कारण है कि सावन के महीने में देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है।

Sawan  सोमवार का महत्व

सनातन धर्म में सावन को भगवान शिव का प्रिय महीना माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान निकले विष को भगवान शिव ने संसार की रक्षा के लिए अपने कंठ में धारण किया था। इसके बाद देवताओं ने उन्हें जल अर्पित कर विष की तपिश को शांत किया। तभी से सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करने की परंपरा चली आ रही है। माना जाता है कि इस महीने में भगवान शिव की पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है।

Sawan सोमवार व्रत की पूजा विधि

सावन सोमवार के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर या शिवालय में भगवान शिव का गंगाजल, दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत अभिषेक करें। इसके बाद शुद्ध जल से स्नान कराएं और शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, भांग, सफेद चंदन, अक्षत और मौसमी फल अर्पित करें।

पूजा के दौरान "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। साथ ही शिव चालीसा, रुद्राष्टक या महामृत्युंजय मंत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है। अंत में भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें तथा परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करें।

व्रत के नियम

सावन सोमवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालु पूरे दिन सात्विक जीवनशैली अपनाते हैं। कई लोग केवल फलाहार करते हैं, जबकि कुछ श्रद्धालु निर्जला व्रत भी रखते हैं। इस दिन तामसिक भोजन, लहसुन-प्याज, मांसाहार और नशे का सेवन नहीं करना चाहिए। क्रोध, झूठ और किसी का अपमान करने से भी बचना चाहिए। व्रत का पारण शाम को भगवान शिव की आरती और पूजा के बाद किया जाता है।

व्रत करने के लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार का व्रत करने से भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। अविवाहित युवक-युवतियों को मनचाहा जीवनसाथी मिलने की मान्यता है। वहीं विवाहित दंपत्तियों के वैवाहिक जीवन में प्रेम, विश्वास और सुख-शांति बनी रहती है। इसके अलावा परिवार में आर्थिक समृद्धि, संतान सुख, उत्तम स्वास्थ्य और मानसिक शांति का भी आशीर्वाद मिलता है।

मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना करने वाले भक्तों के सभी दुख और बाधाएं दूर होती हैं। शिव कृपा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सफलता के नए मार्ग खुलते हैं।

Sawan में शिवभक्ति का विशेष उत्साह

सावन का महीना शुरू होते ही देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। कांवड़ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु पवित्र नदियों से जल लाकर शिवलिंग का अभिषेक करते हैं। मंदिरों में रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और शिव महापुराण का पाठ होता है। "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है।

धार्मिक मान्यता है कि सावन में एक लोटा जल और एक बेलपत्र भी सच्ची श्रद्धा से भगवान शिव को अर्पित किया जाए तो वे शीघ्र प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।

निष्कर्ष

सावन सोमवार का व्रत केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, भक्ति, संयम और आत्मिक शुद्धि का पर्व है। यदि श्रद्धालु पूरे मन, श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान भोलेनाथ की पूजा करते हैं, तो उन्हें सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसलिए सावन के प्रत्येक सोमवार को शिव आराधना कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद अवश्य प्राप्त करें।

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Kirti Sharma

Kirti Sharma

कीर्ति शर्मा पिछले 2 वर्षों से डिजिटल पत्रकारिता से जुड़ी हुई हैं। TMINS में वह Sub Editor के रूप में कार्यरत हैं। उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों में प्रकाशित होने वाले कंटेंट की संपादकीय समीक्षा (Editorial Review), क्वालिटी चेक, स्पॉन्सर्ड आर्टिकल्स की जांच एवं अनुमोदन शामिल है। इसके अलावा, वह Breaking News और Local News की नियमित कवरेज करती हैं तथा महत्वपूर्ण घटनाओं पर लगातार नज़र रखते हुए समय-समय पर समाचारों को अपडेट करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक तेज़, सटीक और विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना है।

प्रकाशित तिथि: 04 Aug 2026
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