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Dhanteras 2026: सोना खरीदने का सही समय?

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धनतेरस से पहले सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के बीच निवेशक खरीदारी की रणनीति पर विचार कर रहे हैं। • Source: Hindustan
Source : BBC

मुख्य बिंदु

  • Dhanteras 2026: सोना खरीदने का सही समय? पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
  • सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
  • ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
  • नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।

Dhanteras 2026: सोने की कीमतों में भारी गिरावट, क्या अब खरीदारी का सही समय है?

धनतेरस 2026 से पहले सोने और चांदी की कीमतों में आई भारी गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया है। अक्टूबर के आखिरी सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना एक साल के निचले स्तर पर पहुंच गया, जबकि चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। भारत में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना 7.16 फीसदी टूटकर 1,38,419 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, चांदी करीब 20 फीसदी गिरकर 1,78,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। धनतेरस के मौके पर सोना खरीदना भारतीय परंपरा का अहम हिस्सा माना जाता है। ऐसे में कीमतों में गिरावट के बीच सवाल उठ रहा है कि क्या यह खरीदारी का सही समय है या निवेशकों को अभी और इंतजार करना चाहिए?

सोने की कीमतों में गिरावट की क्या वजह है?

वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर कई आर्थिक परिस्थितियों का असर पड़ा है। अमेरिका में ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहने और भविष्य में दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अक्टूबर में ब्याज दरों को 3.75 से 4 फीसदी के दायरे में स्थिर रखा था। हालांकि, समिति के दो सदस्यों ने दरें बढ़ाने के पक्ष में मतदान किया। इससे दिसंबर में ब्याज दरों में संभावित बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हुई है। इसके अलावा, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई बढ़ने का डर भी निवेशकों की चिंता बढ़ा रहा है। जब ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोने जैसे निवेश पर दबाव पड़ता है, क्योंकि इससे नियमित ब्याज या आय नहीं मिलती।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी का हाल

30 अक्टूबर को कॉमेक्स पर सोने की कीमत 4,000 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गई। जनवरी में 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद सोने में करीब 30 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। विश्लेषकों के अनुसार, सोने के लिए 3,650 से 3,750 डॉलर प्रति औंस अगला संभावित सपोर्ट स्तर हो सकता है। तेजी का रुझान वापस आने के लिए कीमतों को 4,550 डॉलर के स्तर से ऊपर निकलना होगा। चांदी भी 54 डॉलर प्रति औंस के अहम सपोर्ट स्तर को तोड़ चुकी है। शुक्रवार को इसकी कीमत 48.9 डॉलर तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का अनुमान है कि निकट भविष्य में चांदी 42 से 43 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकती है। इसके नकारात्मक रुझान में बदलाव के लिए 55 डॉलर का स्तर पार करना जरूरी माना जा रहा है।

धनतेरस पर सोना खरीदें या इंतजार करें?

वित्तीय मामलों के शोध संस्थान सही के हेड ऑफ रिसर्च गौरव अरोड़ा के मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने एकमुश्त बड़ी खरीदारी करने के बजाय दो या तीन किस्तों में सोना खरीदने की रणनीति अपनाने की सलाह दी है। उनके अनुसार, MCX पर सोने का तत्काल सपोर्ट 1,38,250 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी का सपोर्ट 1,78,800 रुपये प्रति किलोग्राम है। इन स्तरों के नीचे कीमत जाने पर बाजार में फिर बिकवाली बढ़ सकती है। SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की हेड ऑफ कमोडिटी रिसर्च वंदना भारती का मानना है कि कीमतों में गिरावट लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अवसर बन सकती है। उनका अनुमान है कि 2027 तक घरेलू बाजार में सोना 1.65 लाख से 1.80 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है। हालांकि, यह अनुमान है, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।

इतिहास क्या संकेत देता है?

1970 के दशक, 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट और मार्च 2020 में कोरोना महामारी के दौरान सोने की कीमतों में शुरुआती गिरावट देखने को मिली थी। लेकिन बाद में बाजार में सुधार के साथ सोने ने मजबूत वापसी की। विशेषज्ञों का मानना है कि नकदी की जरूरत के कारण होने वाली बिकवाली के बाद लंबी अवधि के निवेशक अक्सर सोने की खरीदारी बढ़ाते हैं। हालांकि, पिछला प्रदर्शन भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देता।

निवेशकों के लिए क्या है अहम?

धनतेरस 2026 पर खरीदारी से पहले निवेशकों को अपनी वित्तीय स्थिति, निवेश अवधि और जोखिम उठाने की क्षमता पर ध्यान देना चाहिए। सोने को चरणबद्ध तरीके से खरीदना जोखिम कम करने का एक तरीका हो सकता है। वहीं, चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेश का हिस्सा सीमित रखने की सलाह दी जाती है। कुल मिलाकर, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट खरीदारी का अवसर हो सकती है, लेकिन बाजार में अनिश्चितता अभी बनी हुई है। इसलिए जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर निवेश करना बेहतर होगा।

TAGS: Dhanteras2026 GoldPrice SilverPrice GoldInvestment CommodityMarket
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Suhani

सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।

प्रकाशित तिथि: 03 Nov 2026
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