मुख्य बिंदु
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PM Modi का युवाओं को संदेश: Reels के दौर में शॉर्टकट से बचें, पढ़ें महापुरुषों की आत्मकथाएं
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं से अपील की है कि वे Reels और सोशल मीडिया के दौर में जिंदगी में सफलता पाने के लिए शॉर्टकट के बजाय मेहनत, धैर्य और सीखने को प्राथमिकता दें। उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे जिस भी व्यक्ति को अपना आदर्श मानते हैं, उसकी आत्मकथा जरूर पढ़ें और उसके संघर्षों से प्रेरणा लें।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह बात पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles’ के विमोचन के दौरान कही। यह कार्यक्रम नई दिल्ली में आयोजित हुआ।
युवाओं को शॉर्टकट कल्चर से बचने की सलाह
पीएम मोदी ने कहा कि आज के दौर में सोशल मीडिया और Reels के जरिए युवाओं के सामने सफलता की चमकदार तस्वीरें तेजी से आती हैं। ऐसे समय में युवाओं को यह समझना जरूरी है कि वास्तविक सफलता के पीछे लंबे संघर्ष, अनुशासन और निरंतर मेहनत होती है।
उन्होंने कहा कि देश को ऐसे युवाओं की जरूरत है जो मुश्किलों के सामने हार न मानें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए नए रास्ते बनाने का साहस रखें।
पसंदीदा व्यक्ति की आत्मकथा पढ़ने की अपील
प्रधानमंत्री ने युवाओं से कहा कि उन्हें जिस भी व्यक्ति से प्रेरणा मिलती है, उसकी आत्मकथा जरूर पढ़नी चाहिए। आत्मकथाओं के माध्यम से व्यक्ति को किसी महान शख्सियत के संघर्ष, सोच, अनुभव और सफलता की वास्तविक कहानी जानने का मौका मिलता है।
उन्होंने युवाओं को रामनाथ कोविंद के जीवन के बारे में उनकी अपनी लिखी बातों और अनुभवों के जरिए जानने की सलाह दी।
रामनाथ कोविंद की जिंदगी पर आधारित है किताब
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की आत्मकथा ‘Triumph of the Indian Republic: My Life, My Struggles’ उनके जीवन के विभिन्न पहलुओं को सामने रखती है। इसमें उनके शुरुआती जीवन, संघर्ष, उपलब्धियों और सार्वजनिक जीवन की यात्रा का व्यक्तिगत विवरण दिया गया है।
रामनाथ कोविंद देश के 14वें राष्ट्रपति रहे हैं। उनकी यात्रा सामान्य पृष्ठभूमि से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की कहानी है। किताब में उन मूल्यों और अनुभवों का भी जिक्र है, जिन्होंने उनके व्यक्तित्व और सार्वजनिक जीवन को आकार दिया।
पीएम मोदी ने की रामनाथ कोविंद की तारीफ
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति के रूप में रामनाथ कोविंद का मार्गदर्शन उनके लिए काफी महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा कि यह आत्मकथा पाठकों को कोविंद के जीवन, व्यक्तित्व और देश के लिए उनके योगदान को बेहतर तरीके से समझने का अवसर देगी।
पीएम मोदी ने यह भी कहा कि राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद भी रामनाथ कोविंद महत्वपूर्ण मुद्दों पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने ‘One Nation, One Election’ जैसे विषयों पर उनके निरंतर योगदान का भी उल्लेख किया।
गांधी, आंबेडकर और फुले का किया जिक्र
पीएम मोदी ने महात्मा गांधी, डॉ. बीआर आंबेडकर, ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले जैसे महान व्यक्तित्वों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन महापुरुषों ने ऐसे भारत का सपना देखा था, जहां समाज के सबसे गरीब और वंचित वर्ग के लोगों को भी आगे बढ़ने और ऊंचे पदों तक पहुंचने का अवसर मिले।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रामनाथ कोविंद जैसे लोगों ने अपनी मेहनत और क्षमता के जरिए न केवल अपना जीवन बदला, बल्कि उन पुराने सपनों और विचारों को साकार करने में भी योगदान दिया।
'राजनीति सत्ता पाने का माध्यम नहीं'
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने इस अवसर पर कहा कि राजनीति को केवल सत्ता हासिल करने का माध्यम नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार, राजनीति देश और समाज की सेवा का एक साधन है।
उन्होंने शिक्षा के महत्व पर भी जोर देते हुए कहा कि शिक्षा जीवन में नई संभावनाओं के दरवाजे खोलती है और लोगों को नए रास्ते और अवसर प्रदान करती है।
रामनाथ कोविंद ने प्रधानमंत्री आवास योजना का भी उल्लेख किया और कहा कि इसके तहत करोड़ों लोगों को घर की सुविधा मिली है।
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