मुख्य बिंदु
- PM Modi Instagram Appeal: 97% Ministers Became Active पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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PM Modi की अपील का असर, 97% मंत्री Instagram पर हुए एक्टिव; शाह के बढ़े 8.5 लाख फॉलोअर्स
PM Modi Instagram Appeal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रियों को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और युवाओं से सीधे संवाद बढ़ाने की सलाह का असर नजर आने लगा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 24 जुलाई 2026 को हुई कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी की सलाह के बाद 29 में से 28 यानी करीब 97 प्रतिशत केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों की इंस्टाग्राम गतिविधि बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, जदयू के राजीव रंजन सिंह को छोड़कर लगभग सभी केंद्रीय मंत्रियों ने इंस्टाग्राम पर पहले की तुलना में ज्यादा सक्रियता दिखाई। मंत्रियों ने रील्स और पोस्ट के जरिए सरकारी नीतियों, योजनाओं और विभिन्न मुद्दों को युवाओं तक पहुंचाने पर जोर दिया है।
एक महीने में मंत्रियों ने किए 1,179 पोस्ट
PM Modi की सलाह के बाद केंद्रीय मंत्रियों की सोशल मीडिया गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। पिछले एक महीने में मंत्रियों ने कुल 1,179 पोस्ट किए, जो पिछली अवधि के मुकाबले 48 प्रतिशत अधिक बताए गए हैं। मंत्रियों के सोशल मीडिया कंटेंट में खासतौर पर रील्स को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका उद्देश्य जटिल नीतिगत विषयों और सरकार के फैसलों को आसान और आकर्षक तरीके से युवाओं तक पहुंचाना है। उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी नीतियों और महत्वपूर्ण मुद्दों को रील्स के जरिए समझाने पर जोर दिया है।
अमित शाह के फॉलोअर्स में बड़ी बढ़ोतरी
सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ने के साथ केंद्रीय मंत्रियों के फॉलोअर्स में भी इजाफा देखने को मिला है। मोदी कैबिनेट में गृह मंत्री अमित शाह के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स में पिछले एक महीने में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान अमित शाह के फॉलोअर्स करीब 8.53 लाख बढ़े। इससे पता चलता है कि सरकार के वरिष्ठ मंत्री भी सोशल मीडिया को युवाओं और आम लोगों तक सीधे पहुंचने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
PM Modi खुद भी सोशल मीडिया पर रहे सक्रिय
युवाओं से संवाद बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सोशल मीडिया का लगातार इस्तेमाल करते रहे हैं। NEET पेपर लीक को लेकर जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान PM Modiने सोशल मीडिया के जरिए कई वीडियो संदेश जारी किए थे। इन वीडियो में उन्होंने जेन-Z और छात्रों को संबोधित करते हुए पेपर लीक सहित विभिन्न मुद्दों पर अपनी बात रखी थी। एक वीडियो संदेश में उन्होंने प्रदर्शन के दौरान आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वाले कुछ छात्रों को माफ करने की बात भी कही थी।
'वन डे, वन यूनिवर्सिटी' योजना पर भी जोर
सरकार युवाओं और छात्रों से सीधे जुड़ने के लिए 'वन डे, वन यूनिवर्सिटी' कार्यक्रम की योजना पर भी काम कर रही है। इसके तहत हर दिन एक केंद्रीय मंत्री को किसी विश्वविद्यालय का दौरा करने और वहां के छात्रों से संवाद करने की योजना बताई गई है। इस पहल का उद्देश्य युवाओं की चिंताओं को समझना, उनकी राय जानना और सरकार की योजनाओं के बारे में उन्हें जानकारी देना है। खासतौर पर छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सीधे बातचीत करने पर जोर दिया जाएगा।
दो केंद्रीय मंत्रियों को दी गई जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को विश्वविद्यालयों और मंत्रियों के दौरों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि, मंत्रियों के विश्वविद्यालय दौरों का विस्तृत कार्यक्रम अभी सामने नहीं आया है। बैठकों में मंत्रियों की सोशल मीडिया पोस्ट की पहुंच और युवाओं तक सरकारी संदेश पहुंचाने के तरीकों पर भी चर्चा हुई है। सरकार का फोकस अब सिर्फ सोशल मीडिया पर मौजूदगी बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं के साथ सीधे संवाद और उनकी राय समझने पर भी है। पीएम मोदी की अपील के बाद मंत्रियों की बढ़ी इंस्टाग्राम गतिविधि इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है, जिसमें सोशल मीडिया और विश्वविद्यालयों के जरिए सरकार युवाओं से अधिक प्रभावी तरीके से जुड़ने की कोशिश कर रही है।
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