मुख्य बिंदु
- BKU Protest: टप्पल किसानों की 64.7% मुआवजे की मांग पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
- नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।
BKU Protest: टप्पल के किसानों के लिए 64.7% अतिरिक्त मुआवजे और 10% विकसित जमीन की मांग!
BKU Protest: ग्रेटर नोएडा के धरने में टप्पल के किसानों की मांगें उठीं
ग्रेटर नोएडा और यमुना विकास प्राधिकरण से जुड़ी किसानों की मांगों को लेकर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) की अलीगढ़ टीम ने समर्थन दिया। बुधवार को जिला अध्यक्ष भोला चौधरी के नेतृत्व में भाकियू पदाधिकारी और कार्यकर्ता धरना स्थल पर पहुंचे। इस दौरान टप्पल और अलीगढ़ क्षेत्र के किसानों से जुड़ी कई मांगें अधिकारियों के सामने रखी गईं। किसान संगठनों की ओर से 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे और 10 प्रतिशत विकसित जमीन की मांग लंबे समय से उठाई जाती रही है। सितंबर 2026 में यमुना प्राधिकरण और अन्य प्राधिकरणों के खिलाफ चल रहे आंदोलन में भी ये मांगें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
राकेश टिकैत की मौजूदगी में अधिकारियों से बातचीत
धरना स्थल पर भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत की अगुवाई में यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी और अन्य अधिकारियों के साथ किसानों की समस्याओं को लेकर बातचीत हुई। बैठक में अलीगढ़ क्षेत्र के किसानों की लंबित मांगों को सामने रखा गया। प्रदेश उपाध्यक्ष विमल तोमर और जिला अध्यक्ष भोला चौधरी ने टप्पल क्षेत्र के किसानों से संबंधित मुद्दों पर अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया। किसानों की ओर से 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजा और 10 प्रतिशत विकसित जमीन दिए जाने की मांग रखी गई। 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त मुआवजे का मुद्दा यमुना एक्सप्रेसवे से प्रभावित किसानों के भूमि अधिग्रहण से जुड़ा रहा है। न्यायिक मामलों और सरकारी निर्णयों में भी अतिरिक्त मुआवजे से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख मिलता है।
सर्विस लेन और टप्पल इंटरचेंज पर सुविधा की मांग
भाकियू पदाधिकारियों ने किसानों के अलावा क्षेत्रीय यातायात सुविधाओं से जुड़े मुद्दे भी बैठक में उठाए। यमुना एक्सप्रेसवे के दोनों ओर सर्विस लेन बनाने की मांग की गई। संगठन का कहना है कि सर्विस लेन बनने से आसपास के गांवों और स्थानीय लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा टप्पल इंटरचेंज पर बस यात्रियों के उतरने और चढ़ने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। क्षेत्र में सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी सुविधा को लेकर किसानों और स्थानीय लोगों की जरूरतों को अधिकारियों के सामने रखने की बात कही गई।
जिन किसानों के करार नहीं हुए, उनके लिए भी मुआवजे की मांग
बैठक के दौरान उन किसानों का मुद्दा भी उठाया गया, जिनके साथ अभी तक करार नहीं हुए हैं। भाकियू पदाधिकारियों ने ऐसे किसानों को बढ़ी हुई दर के आधार पर मुआवजा देने की मांग की। किसान संगठनों की ओर से भूमि अधिग्रहण से संबंधित लंबित मामलों के समाधान और विकसित भूखंडों के आवंटन की मांग भी हालिया प्रदर्शनों में सामने आई है।
अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा धरना
बैठक के बाद भाकियू पदाधिकारियों ने कहा कि किसानों की मांगों को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। संगठन के अनुसार अधिकारियों के साथ हुई बातचीत के बाद भी सभी मांगों पर समाधान नहीं हुआ है। इसके बाद धरना अनिश्चितकाल तक जारी रखने का फैसला लिया गया। इस दौरान राष्ट्रीय सचिव ओमपाल तलान, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आदर्श चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष विमल तोमर, प्रदेश सचिव शशिकांत शर्मा उर्फ बंटी भैया, मंडल अध्यक्ष रणवीर यादव, वरिष्ठ मंडल उपाध्यक्ष धर्मेंद्र श्योरान, मंडल प्रवक्ता डॉ. हरवीर सिंह और जिला अध्यक्ष भोला चौधरी समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे। ग्रेटर नोएडा, नोएडा और यमुना प्राधिकरण से जुड़े किसान आंदोलनों में अतिरिक्त मुआवजा, विकसित भूखंड और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों का समाधान प्रमुख मुद्दों में बना हुआ है।
Suhani
सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।
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