मुख्य बिंदु
- Sahil Lochab FIR: पैलेट गन मामले में राहुल गांधी ने क्या कहा? पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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SahilLochab की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की, राहुल गांधी ने इसे न्याय की ओर पहला कदम बताया
दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान घायल हुए साहिल लोचब की शिकायत पर आखिरकार दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। पुलिस ने कथित पैलेट गन फायरिंग से जुड़ी शिकायत के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 118 और 125 के तहत केस दर्ज किया है। FIR दर्ज होने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने इसे न्याय की दिशा में पहला कदम बताया।राहुल गांधी शुक्रवार को साहिल लोचब और उनकी मां के साथ संसद मार्ग पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। उनकी मांग थी कि साहिल की ओर से दी गई लिखित शिकायत पर FIR दर्ज की जाए। कई घंटे तक पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद राहुल गांधी थाने के बाहर धरने पर बैठ गए थे।
Rahul Gandhi ने FIR दर्ज होने के बाद क्या कहा?
FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह न्याय की ओर पहला कदम है। उन्होंने कहा कि साहिल के शरीर में अभी भी छर्रे मौजूद हैं और उनकी आंख में भी छर्रे लगे हैं, जिसके कारण उनकी दृष्टि प्रभावित हुई है।राहुल गांधी ने पुलिस कार्रवाई में लगे समय पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वे सुबह करीब 11:30 बजे पुलिस स्टेशन पहुंचे थे और शाम करीब पौने सात बजे FIR दर्ज हुई। उन्होंने कहा कि अगर दिल्ली के बीचोंबीच स्थित पुलिस स्टेशन में किसी नागरिक को शिकायत दर्ज कराने में इतना समय लगता है, तो गांवों और छोटे शहरों में आम लोगों की स्थिति की कल्पना की जा सकती है।राहुल गांधी ने यह भी कहा कि कांग्रेस किसी गलत काम के लिए नहीं, बल्कि एक भारतीय नागरिक और उसकी मां के लिए न्याय की मांग कर रही थी।
Sahil Lochab ने राहुल गांधी का जताया आभार
FIR दर्ज होने के बाद शिकायतकर्ता साहिल लोचब ने राहुल गांधी और उनकी टीम का धन्यवाद किया। साहिल ने कहा कि बिना मीडिया कवरेज के भी राहुल गांधी और उनकी टीम लगातार उनकी मदद कर रही थी।साहिल के मुताबिक, उन्होंने राहुल गांधी से अपनी शिकायत पर FIR दर्ज नहीं होने की बात साझा की थी। इसके बाद राहुल गांधी ने उनसे मिलने और पुलिस के पास चलने की बात कही। साहिल ने FIR को न्याय की दिशा में पहला कदम बताया।
किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
कांग्रेस की ओर से साझा की गई FIR के मुताबिक, दिल्ली पुलिस ने मामले में BNS की धारा 118 और 125 लगाई है।धारा 118 खतरनाक हथियार या साधन के जरिए जानबूझकर चोट या गंभीर चोट पहुंचाने से संबंधित है। वहीं धारा 125 ऐसे कृत्यों से जुड़ी है, जिनसे किसी व्यक्ति के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरा पैदा होता है।
FIR दर्ज होने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता संसद मार्ग पुलिस स्टेशन से रवाना हो गए।
क्या है Sahil Lochab pellet gun मामला?
बताया गया है कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान साहिल लोचब घायल हुए थे। कांग्रेस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे साहिल को गंभीर चोटें आईं।राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए पैलेट्स का एक डिब्बा भी दिखाया और दावा किया कि ये साहिल के शरीर से निकले हैं। उन्होंने कहा कि साहिल के शरीर में बड़ी संख्या में छर्रे हैं और आंख के अलावा दिल के पास भी छर्रे मौजूद हैं।हालांकि, पैलेट गन के इस्तेमाल और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को लेकर लगाए गए आरोपों की जांच अब पुलिस की FIR के बाद आगे बढ़ेगी।
कांग्रेस और BJP के बीच बयानबाजी
FIR दर्ज होने से पहले कांग्रेस ने दिल्ली पुलिस और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाए थे। पार्टी का आरोप था कि साहिल की शिकायत पर पुलिस FIR दर्ज नहीं कर रही थी।वहीं, BJP ने राहुल गांधी पर अराजकता की राजनीति करने का आरोप लगाया और सवाल उठाया कि क्या वह कानून का सम्मान नहीं करते।
BJP नेता रविशंकर प्रसाद ने मामले में सुप्रीम कोर्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कुछ पीड़ित सुप्रीम कोर्ट गए थे और अदालत ने मामले के लिए एक हाई-पावर्ड कमेटी बनाई है, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश कर रहे हैं।
RTI में पैलेट गन से घायल लोगों का दावा
पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद साकेत गोखले ने RTI के जरिए जानकारी जुटाने का दावा किया था। उनके अनुसार, अस्पतालों के रिकॉर्ड में पैलेट गन से घायल लोगों की संख्या कम से कम 10 बताई गई है।गोखले के मुताबिक, इनमें नौ लोग लेडी हार्डिंग अस्पताल और एक व्यक्ति सफदरजंग अस्पताल पहुंचा था। उन्होंने कहा था कि AIIMS और RML अस्पताल से संबंधित रिकॉर्ड का इंतजार किया जा रहा है।अब साहिल लोचब की शिकायत पर FIR दर्ज होने के बाद इस पूरे मामले की जांच आगे बढ़ेगी। जांच के दौरान यह स्पष्ट होना बाकी है कि कथित पैलेट गन फायरिंग कैसे हुई, इसके लिए कौन जिम्मेदार था और घटना में कितने लोग घायल हुए।
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