मुख्य बिंदु
- Rajasthan Nikay Chunav: 10,245 वार्डों की लॉटरी जारी पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
- नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।
राजस्थान के 309 निकायों में वार्ड आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया शुरू, जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों का आरक्षण तय
Rajasthan Nikay Chunav: राजस्थान में निकाय चुनाव की तैयारियों के बीच सोमवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण है। प्रदेश के 309 निकायों के 10,245 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस प्रक्रिया के जरिए अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और महिलाओं के लिए आरक्षित वार्डों की स्थिति स्पष्ट होगी।इन 309 निकायों में 10 नगर निगम, 47 नगर परिषद और 252 नगर पालिकाएं शामिल हैं। वार्डों के आरक्षण की तस्वीर सामने आने के बाद आगामी निकाय चुनाव में कई संभावित उम्मीदवारों की चुनावी रणनीति भी प्रभावित हो सकती है।
Jaipur नगर निगम के 150 वार्डों का आरक्षण तय
राजधानी जयपुर में नगर निगम के 150 वार्डों के वर्गवार आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार सुबह 10:30 बजे आरक्षण की लॉटरी निकाली गई।इस दौरान कलेक्टर संदेश नायक और निगम आयुक्त ओम कसेरा समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। लॉटरी प्रक्रिया के बाद अलग-अलग वर्गों के लिए आरक्षित वार्डों की संख्या सामने आई।आरक्षण सूची के अनुसार जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में SC वर्ग के लिए 20, ST के लिए 6 और OBC के लिए 30 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।
महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण
निकाय चुनाव में महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण दिए जाने के तहत भी वार्डों का वर्गवार निर्धारण किया गया है। जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में सामान्य महिला वर्ग के लिए 31 वार्ड आरक्षित किए गए हैं।इसके अलावा OBC महिला वर्ग के लिए 10, SC महिला वर्ग के लिए 7 और ST महिला वर्ग के लिए 2 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। ST महिला वर्ग के लिए वार्ड संख्या 68 और 150 का उल्लेख किया गया है।आरक्षण की इस प्रक्रिया के बाद कई संभावित उम्मीदवारों के चुनावी समीकरण बदल सकते हैं। जिन नेताओं और दावेदारों को अपने वार्ड से चुनाव लड़ने की उम्मीद थी, उन्हें अब आरक्षण के मुताबिक अपनी रणनीति तय करनी होगी।
OBC आरक्षण को लेकर कांग्रेस ने जताया विरोध
आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया के दौरान OBC के 21 फीसदी कोटे को लेकर कांग्रेस की ओर से विरोध भी जताया गया। पार्टी की ओर से इस मुद्दे पर आपत्ति दर्ज कराई गई।निकाय चुनाव से पहले वार्डों का आरक्षण राजनीतिक दलों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि आरक्षित सीटों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन और स्थानीय स्तर पर चुनावी रणनीति तैयार की जाएगी।
309 निकायों के 10,245 वार्डों पर नजर
राजस्थान में इस बार कुल 309 निकायों के 10,245 वार्डों का आरक्षण तय किया जा रहा है। लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अलग-अलग निकायों में SC, ST, OBC और महिला आरक्षण की स्थिति स्पष्ट होगी।निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजर अब वार्डवार आरक्षण सूची पर है। आरक्षण तय होने के बाद स्थानीय स्तर पर चुनावी गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।जयपुर के 150 वार्डों का आरक्षण तय होने के बाद अब उम्मीदवार अपने-अपने वार्ड की स्थिति के अनुसार आगे की रणनीति बनाने में जुट सकते हैं। कई मौजूदा पार्षदों और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे नेताओं के लिए आरक्षण की तस्वीर अहम साबित होगी।
Rajasthan Nikay Chunav से जुड़ी लॉटरी प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाली वार्डवार जानकारी चुनावी समीकरणों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। प्रदेश के बाकी निकायों की आरक्षण प्रक्रिया और पूरी सूची सामने आने के साथ ही स्थानीय चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट होगी।
Suhani
सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।
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