मुख्य बिंदु
- Rahul Gandhi Letter: हेमंत सोरेन से छात्रों से मिलने की अपील पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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हेमंत सोरेन से छात्रों से मिलने की अपील, UGC-NET विवाद पर केंद्र सरकार पर साधा निशाना
Rahul Gandhi Letter: कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर राज्य में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मिलने की अपील की है। वहीं, उन्होंने UGC-NET परीक्षा से जुड़े विवाद को लेकर केंद्र सरकार, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और शिक्षा व्यवस्था पर भी तीखा हमला बोला है।राहुल गांधी का यह पत्र 14 अगस्त को लिखा गया था, जिसे 17 अगस्त को सार्वजनिक किया गया। यह ऐसे समय में सामने आया है जब झारखंड में JPSC और JSSC-CGL भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के विरोध में छात्रों का आंदोलन लगातार 24 दिनों से जारी है।
झारखंड के छात्रों से मिलने की अपील
अपने पत्र में राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया कि वे आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करें और उनकी समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण विशेषता है और झारखंड के युवाओं का आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तथा न्यायसंगत मांगों पर आधारित है।राहुल गांधी ने यह भी कहा कि राज्य सरकार द्वारा बातचीत के लिए समिति का गठन एक सकारात्मक कदम है, लेकिन इसके बावजूद कुछ छात्र अभी भी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। ऐसे में सरकार को छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए उनके साथ संवाद बढ़ाना चाहिए।
शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
पत्र में राहुल गांधी ने भारतीय शिक्षा प्रणाली को लेकर भी अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की शिक्षा व्यवस्था पर RSS और भाजपा का प्रभाव बढ़ गया है, जिससे छात्रों के हित प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं को अवसर देने के बजाय वर्तमान व्यवस्था उन्हें निराश करने का काम कर रही है।झारखंड में आंदोलन कर रहे छात्र भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। इसी बीच आंदोलनकारी छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने की चेतावनी भी दी है। हालांकि राज्य सरकार ने छात्रों को नए दौर की वार्ता का प्रस्ताव भेजा है।
UGC-NET परीक्षा पर NTA को घेरा
राहुल गांधी ने UGC-NET परीक्षा के कुछ विषयों की परीक्षा दोबारा आयोजित करने के फैसले को लेकर भी केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की आलोचना की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि NTA ने 22 से 30 जून के बीच आयोजित UGC-NET परीक्षा के समाजशास्त्र, अंग्रेजी और वाणिज्य विषयों की परीक्षा लगभग दो महीने बाद रद्द कर दी।राहुल गांधी के अनुसार, परीक्षा रद्द करने का कारण प्रश्नपत्र तैयार करने में त्रुटियां और पुराने प्रश्नों की पुनरावृत्ति बताया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र लीक हुए थे और इस पूरे मामले की जवाबदेही किसकी है।
विपक्ष ने मांगी जवाबदेही
राहुल गांधी ने मौजूदा शिक्षा प्रणाली को छात्रों के समय, पैसे, मानसिक स्वास्थ्य और आत्मविश्वास को नुकसान पहुंचाने वाली व्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि केवल इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि संबंधित एजेंसियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होनी चाहिए।इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी शिक्षा मंत्रालय और NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। वहीं आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने NTA को बंद करने की मांग करते हुए इसे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाला संस्थान बताया है।झारखंड छात्र आंदोलन और UGC-NET विवाद को लेकर राहुल गांधी के ताजा बयान ने शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला दिया है।
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