Madhurendra Kumar: बिहार के मुंगेर से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला की पहचान बनाने वाले सैंड आर्टिस्ट Madhurendra Kumar ने एक और उपलब्धि हासिल की है। उनका नाम Forbes Book of World Records में दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। यह रिकॉर्ड बिहार के अलग-अलग जिलों में जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक जागरूकता से जुड़े विषयों पर बनाई गई 100 से अधिक विशाल रेत कलाकृतियों के आधार पर दर्ज किया गया है। उनके आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, यह रिकॉर्ड जून 2026 में दर्ज हुआ।
समारोह में मिला सम्मान
प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, पटना स्थित 7, सर्कुलर रोड आवास पर आयोजित एक विशेष समारोह में Madhurendra Kumar को स्मृति-चिह्न, मेडल और वर्ल्ड रिकॉर्ड का प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया। समारोह में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य Nitish Kumar ने उन्हें इस उपलब्धि के लिए शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान Madhurendra Kumar की कला और सामाजिक संदेशों से जुड़े उनके काम की चर्चा हुई। उनके बारे में उपलब्ध प्रोफाइल में भी बताया गया है कि उन्होंने अपनी कला के जरिए सरकारी योजनाओं, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों को रचनात्मक तरीके से लोगों तक पहुंचाया है।
100 से अधिक रेत कलाकृतियों से बना रिकॉर्ड
Forbes Book of World Records से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक Madhurendra Kumar ने बिहार के सभी जिलों में 100 से अधिक बड़े स्तर की रेत कलाकृतियां तैयार कीं। इन कलाकृतियों का उद्देश्य अलग-अलग जनकल्याणकारी योजनाओं और जागरूकता अभियानों के संदेश को आम लोगों तक पहुंचाना था। इनमें न्याय यात्रा, निश्चय यात्रा, समाधान यात्रा, प्रगति यात्रा और समृद्धि यात्रा जैसे अभियानों से जुड़े विषय शामिल रहे। उनकी आधिकारिक वेबसाइट भी इस रिकॉर्ड को बिहार के सभी जिलों में बनाई गई 100 से अधिक बड़ी रेत कलाकृतियों से जोड़ती है।
रेत कला के साथ कई माध्यमों में प्रयोग
Madhurendra Kumar की पहचान सिर्फ सैंड आर्ट तक सीमित नहीं है। उन्होंने पत्तियों, फलों, सब्जियों, अनाज, धातु और रिसाइक्लिंग सामग्री जैसे कई माध्यमों पर भी कलाकृतियां बनाई हैं। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार, उनके काम में सामाजिक और पर्यावरणीय जागरूकता से जुड़े विषय प्रमुख रहे हैं। उनकी आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक उन्होंने 5,000 से अधिक सैंड और ऐश स्कल्पचर तथा 20,000 से अधिक लीफ आर्टवर्क तैयार किए हैं। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण, स्वच्छता, जल संरक्षण और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर भी कलाकृतियां बनाई हैं।
कई देशों में भारत का प्रतिनिधित्व
Madhurendra Kumar को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई अवसर मिले हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने 25 से अधिक देशों में करीब 75 अंतरराष्ट्रीय कला समारोहों, प्रतियोगिताओं और आयोजनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उनके नाम कई रिकॉर्ड और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मानों का उल्लेख मिलता है। उनकी कला यात्रा में रेत के साथ-साथ लीफ आर्ट और अन्य प्राकृतिक एवं पुनर्चक्रित सामग्रियों का प्रयोग भी खास रहा है। इसी वजह से उनकी कलाकृतियां कला और सामाजिक संदेश के बीच एक अलग तरह का मेल प्रस्तुत करती हैं।
2026 में मानद डॉक्टरेट भी मिली
Madhurendra Kumar की उपलब्धियों में 2026 में मिली मानद डॉक्टरेट भी शामिल है। उनके आधिकारिक प्रोफाइल के अनुसार, America International University (AIU), Hollywood, California ने उन्हें Sand Art के क्षेत्र में Honorary Doctor of Philosophy की उपाधि प्रदान की। Madhurendra Kumar की यात्रा यह दिखाती है कि कला को केवल प्रदर्शन तक सीमित न रखकर सामाजिक जागरूकता और जनसंदेश का माध्यम भी बनाया जा सकता है। बिहार से शुरू हुई उनकी यह कलात्मक यात्रा अब अंतरराष्ट्रीय मंचों और विभिन्न रिकॉर्ड पुस्तकों तक पहुंच चुकी है।
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