Tue, Sep 29, 2026 | 4:33 PM IST
होम राजनीति
मेनू
बिज़नेस प्रोफ़ाइल
होम › भारत › ECI Row: CEC ज्ञानेश क�...
भारत

ECI Row: CEC ज्ञानेश कुमार पर याचिका, SC में सुनवाई जल्द

S
CEC ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े मामले पर सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई • Source: Navbharat Times
Source : Live Low

मुख्य बिंदु

  • ECI Row: CEC ज्ञानेश कुमार पर याचिका, SC में सुनवाई जल्द पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
  • सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
  • ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
  • नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट अगले हफ्ते करेगा सुनवाई!

ECI Row मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर एक याचिका को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि चुनाव आयोग से जुड़े कुछ फैसले आयोग के अन्य सदस्यों की सहमति के बिना लिए गए। मामले में विशेष रूप से Special Intensive Revision (SIR) से जुड़े फैसलों और चुनाव आयोग की निर्णय लेने की प्रक्रिया पर सवाल उठाए गए हैं। 

सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?

मामले को वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने उठाया। रिपोर्टों के अनुसार, पीठ ने मामले को अगले सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति दी।  याचिका में यह सवाल उठाया गया है कि क्या संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग को मिले अधिकारों का इस्तेमाल अकेले CEC कर सकते हैं या ऐसे निर्णय आयोग के बहुसदस्यीय ढांचे के अनुसार लिए जाने चाहिए।

SIR को लेकर क्या है विवाद?

याचिका में Special Intensive Revision (SIR) से संबंधित फैसलों पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ता का दावा है कि चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से कुछ फैसलों पर आपत्तियां दर्ज की गई थीं। याचिका के मुताबिक, अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच कम से कम 14 आपत्तियां दर्ज किए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, ये सभी आरोप और दावे अभी न्यायिक जांच के विषय हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अभी इन आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है।

कानून में क्या प्रावधान है?

मामले में Chief Election Commissioner and Other Election Commissioners (Appointment, Conditions of Service and Term of Office) Act, 2023 की धारा 18 का हवाला दिया गया है। इस कानून में आयोग की प्रक्रिया और काम के बंटवारे को लेकर प्रावधान हैं। इसमें आयोग के काम को जहां तक संभव हो, सर्वसम्मति से करने और मतभेद होने की स्थिति में बहुमत के आधार पर निर्णय लेने की व्यवस्था का उल्लेख है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि यदि किसी फैसले में आयोग के सदस्यों के बीच मतभेद था, तो यह देखा जाना चाहिए कि संबंधित निर्णय निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लिया गया था या नहीं।

किन मामलों का दिया गया है हवाला?

याचिका में Form 6 में कथित बदलाव, मतदाता सूची के डिजिटल डेटाबेस तक पहुंच और पश्चिम बंगाल में SIR से जुड़े मामलों में अपील दायर करने जैसे मुद्दों का उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ता ने इन मामलों से संबंधित मूल रिकॉर्ड, जैसे बैठक के मिनट्स, फाइल नोटिंग और मंजूरी से जुड़े दस्तावेज अदालत के सामने रखने की मांग की है।याचिका में CEC को लेकर quo warranto की मांग भी की गई है। इसके अलावा रिकॉर्ड सुरक्षित रखने और मामले की जांच के लिए स्वतंत्र न्यायिक जांच आयोग या रिटायर्ड सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में SIT गठित करने की मांग भी की गई है। 

चुनाव आयोग की ओर से क्या कहा गया?

मामले से जुड़े आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने आंतरिक मतभेदों की रिपोर्टों को अलग तरीके से पेश किया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार आयोग ने कहा है कि संबंधित आपत्तियां एक अधिकारी से जुड़े मामलों पर थीं और उन्हें नीति संबंधी निर्णयों के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। आयोग ने यह भी कहा है कि उसके निर्णय सामूहिक प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। अब सुप्रीम कोर्ट की अगले सप्ताह होने वाली सुनवाई में यह मामला आगे बढ़ेगा। अदालत के सामने मुख्य सवालों में चुनाव आयोग की सामूहिक निर्णय प्रक्रिया, SIR से जुड़े फैसलों की वैधानिकता और संबंधित रिकॉर्ड की जांच शामिल हो सकती है। फिलहाल इन मुद्दों पर अंतिम न्यायिक फैसला आना बाकी है।

TAGS: ECIRow GyaneshKumar SupremeCourt ElectionCommission SIR
S

Suhani

सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।

प्रकाशित तिथि: 29 Sep 2026
लेखक के बारे में और जानें

टिप्पणी लिखें

बातचीत में शामिल होने के लिए कृपया साइन इन करें।

टिप्पणी करने के लिए साइन इन करें

खाता नहीं है? साइन अप करें

Sign In with Email
पासवर्ड भूल गए?

By signing in, you agree to our Terms of Service and Privacy Policy.

Don't have an account? Create Account