मुख्य बिंदु
- CGHS Rule Change: कर्मचारियों के लिए बदले नियम पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
- नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।
CGHS Rule Change: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बदले नियम, अब देशभर में मिल सकता है CGHS का विकल्प!
CGHS Rule Change: केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी CGHS से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से 17 सितंबर 2026 को जारी ऑफिस मेमोरेंडम के अनुसार, सेवा में कार्यरत केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए CGHS की पात्रता तय करने वाली पुरानी भौगोलिक शर्त को हटा दिया गया है। इस बदलाव का सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिल सकता है जो CGHS के निर्धारित क्षेत्र से बाहर रहते हैं या ऐसे शहरों में पोस्टेड हैं जहां CGHS की सुविधा उपलब्ध नहीं है। हालांकि, CGHS का विकल्प चुनने के लिए कर्मचारी को अन्य लागू पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा और निर्धारित योगदान या सब्सक्रिप्शन का भुगतान करना होगा।
पहले क्या था नियम?
पहले सेवा में कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS कवरेज भौगोलिक क्षेत्र से जुड़ा हुआ था। 2018 के नियमों के अनुसार सामान्य तौर पर CGHS वेलनेस सेंटर के 5 किलोमीटर के दायरे में रहने या काम करने वाले कर्मचारियों को कवरेज मिलता था। कुछ परिस्थितियों में नगर निगम की सीमा के भीतर 5 किलोमीटर से बाहर रहने वाले कर्मचारियों के लिए भी CGHS का विकल्प उपलब्ध था। इस व्यवस्था के कारण CGHS क्षेत्र से बाहर रहने या पोस्टेड कर्मचारियों को मेडिकल सुविधाओं के लिए Central Services (Medical Attendance) Rules, 1944 यानी CS(MA) Rules पर निर्भर रहना पड़ता था। अब सरकार ने इस भौगोलिक मानदंड को समाप्त कर दिया है।
अब कर्मचारी क्या कर सकते हैं?
नए नियम के तहत जो पात्र केंद्रीय कर्मचारी केवल अपने निवास या पोस्टिंग की जगह CGHS क्षेत्र से बाहर होने के कारण CS(MA) Rules, 1944 के तहत मेडिकल सुविधा ले रहे हैं, वे एक बार CGHS में शामिल होने का विकल्प चुन सकते हैं। इसके लिए उन्हें निर्धारित CGHS योगदान का भुगतान करना होगा और बाकी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह विकल्प वन-टाइम और अंतिम होगा। यानी कर्मचारी द्वारा CGHS चुनने के बाद सामान्य तौर पर इस फैसले को वापस बदलने का विकल्प नहीं रहेगा।
परिवार के लिए भी लागू होगा फैसला
नए नियम में यह भी स्पष्ट किया गया है कि मुख्य लाभार्थी द्वारा चुना गया विकल्प उसके पात्र आश्रित परिवार के सदस्यों पर भी लागू होगा। परिवार के अलग-अलग सदस्यों को CGHS और CS(MA) के बीच बांटकर दोनों योजनाओं का लाभ लेने की अनुमति नहीं होगी। साथ ही, CGHS में शामिल होने वाला कर्मचारी या उसका परिवार एक साथ CGHS और CS(MA) Rules, 1944 दोनों के तहत मेडिकल सुविधाओं या प्रतिपूर्ति का दावा नहीं कर सकता।
CGHS क्षेत्र में रहने वालों के लिए क्या नियम है?
जो सेवा में कार्यरत केंद्रीय कर्मचारी पहले से CGHS के कवर क्षेत्र में रहते हैं या वहां तैनात हैं, उनके लिए CGHS कवरेज अनिवार्य रहेगा। ऐसे कर्मचारी CGHS से बाहर निकलकर CS(MA) Rules, 1944 के तहत मेडिकल सुविधाएं लेने का विकल्प नहीं चुन सकते।
गलत जानकारी देने पर होगी कार्रवाई
सरकार ने गलत या भ्रामक जानकारी देकर CGHS का लाभ लेने को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए हैं। यदि कोई कर्मचारी गलत जानकारी देकर लाभ लेता है या दोनों मेडिकल व्यवस्थाओं के तहत अनुचित तरीके से लाभ प्राप्त करता है, तो संबंधित लाभ की वसूली के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। नए विकल्प के तहत CGHS सुविधा लेने वाले कर्मचारियों को यह भी अंडरटेकिंग देनी होगी कि वे और उनके पात्र परिवार के सदस्य CS(MA) Rules के तहत समानांतर मेडिकल लाभ का दावा नहीं करेंगे।
CGHS क्या है?
Central Government Health Scheme (CGHS) केंद्र सरकार के कर्मचारियों, पेंशनर्स और पात्र परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने वाली सरकारी स्वास्थ्य योजना है। स्वास्थ्य मंत्रालय की 2024-25 की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, CGHS के तहत देशभर में 455 वेलनेस सेंटर और यूनिट संचालित थे। रिपोर्ट में CGHS सदस्यता के लिए वेतन स्तर के आधार पर अलग-अलग योगदान दरों का भी उल्लेख है। नए नियम से खास तौर पर उन सेवा में कार्यरत केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS का विकल्प खुला है जो अब तक केवल भौगोलिक सीमा के कारण इस योजना से बाहर थे। नियमों में यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है
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