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Supreme Court की NTA को सलाह, UPSC जैसी मजबूत परीक्षा व्यवस्था विकसित करें

Vinay kumar mishra
NEET परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने NTA को UPSC जैसी मजबूत परीक्षा प्रणाली विकसित करने की सलाह दी। • Source: Dainik Bhaskar
Source : Dainik Bhaskar

मुख्य बिंदु

  • Supreme Court की NTA को सलाह, UPSC जैसी मजबूत परीक्षा व्यवस्था विकसित करें पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
  • सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
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सुप्रीम कोर्ट ने NTA को तकनीकी विशेषज्ञों की नियुक्ति और UPSC जैसी मजबूत परीक्षा व्यवस्था विकसित करने की सलाह दी।

Supreme Court  ने बुधवार को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तर्ज पर अधिक मजबूत और स्थायी परीक्षा प्रणाली विकसित करने की सलाह दी। वहीं केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि NEET परीक्षा का मौजूदा सुरक्षा तंत्र बेहद मजबूत है और इसमें सेंध लगाना आसान नहीं है।जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट, FAIMA और अन्य संगठनों की उन याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी, जिनमें NTA को भंग करने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त निगरानी तंत्र बनाने की मांग की गई है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि NTA को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए, जिसमें परीक्षा संचालन का अनुभव और संस्थागत ज्ञान अधिकारियों के तबादले के बाद भी संस्था के पास बना रहे। कोर्ट ने यह भी सुझाव दिया कि नई तकनीकों की समझ रखने वाले अधिकारियों की नियुक्ति की जाए और अनुभवी अधिकारियों का बार-बार तबादला न किया जाए।

केंद्र ने गिनाईं NEET सुरक्षा की 10 परतें

केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि NEET परीक्षा की पूरी प्रक्रिया कई स्तरों की सुरक्षा व्यवस्था से गुजरती है। प्रश्न बैंक तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक प्रश्नपत्र पहुंचाने की प्रक्रिया को गोपनीय और सुरक्षित रखा जाता है।

सरकार के अनुसार, विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार प्रश्न बैंक से कई सेट बनाए जाते हैं और अंतिम प्रश्नपत्र का चयन अत्यंत गोपनीय तरीके से किया जाता है। प्रश्नपत्र 13 भाषाओं में तैयार किए जाते हैं और उनकी छपाई CCTV व CISF निगरानी वाले सुरक्षित प्रिंटिंग प्रेस में होती है। इसके अलावा प्रश्नपत्र विशेष लोहे के बक्सों में रखे जाते हैं, जिन्हें डिजिटल चाबी और सुरक्षा कोड के बिना नहीं खोला जा सकता। प्रश्नपत्र ले जाने वाले वाहनों को GPS के माध्यम से ट्रैक किया जाता है और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी होती है।

सुप्रीम कोर्ट ने फिर दोहराई UPSC मॉडल की जरूरत

कोर्ट ने कहा कि केवल कागज पर मजबूत प्रक्रिया बनाना पर्याप्त नहीं है। असली चुनौती यह सुनिश्चित करना है कि एक परीक्षा में सामने आई कमजोरियां अगली परीक्षा में दोबारा न दोहराई जाएं। पीठ ने कहा कि UPSC की तरह ऐसा ढांचा तैयार होना चाहिए, जिसमें संस्थागत अनुभव सुरक्षित रहे और परीक्षा प्रणाली लगातार मजबूत होती जाए।

NTA में बड़े बदलावों का ऐलान

हाल ही में NTA ने परीक्षा संचालन प्रणाली में बड़े बदलावों की घोषणा की है। एजेंसी साइबर सिक्योरिटी, साइकोमेट्रिक्स और प्रश्नपत्र निर्माण से जुड़े विशेषज्ञों को शामिल करेगी। साथ ही परीक्षा प्रोटोकॉल को और मजबूत बनाया जाएगा। NTA कार्यालयों को नए परिसर में स्थानांतरित करने और सुरक्षा की जिम्मेदारी CISF को सौंपने की भी तैयारी की जा रही है। इसके अलावा प्रश्नपत्रों की जांच के लिए चार-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू करने की योजना बनाई गई है।

राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों पर भी चर्चा

केंद्र सरकार ने 2024 में पूर्व इसरो प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित की थी। इस समिति ने NTA परीक्षाओं में सुधार और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए 101 सिफारिशें दी थीं। सुप्रीम कोर्ट अब यह देख रहा है कि इन सुधारों को किस तरह प्रभावी ढंग से लागू किया जाए ताकि देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता और भरोसा बना रहे।

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Vinay kumar mishra

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प्रकाशित तिथि: 19 Aug 2026
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