मुख्य बिंदु
- Ballia News: पति की अर्थी निकली, पत्नी ने भी तोड़ा दम पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
- नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।
बलिया में भावुक कर देने वाली घटना, 50 मीटर आगे बढ़ी पति की अंतिम यात्रा और आई पत्नी के निधन की खबर
Ballia News: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक ऐसी मार्मिक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को भावुक कर दिया। रतसर नगर पंचायत में एक बुजुर्ग दंपती का जीवनभर का साथ उनकी अंतिम यात्रा तक कायम रहा। पति की मौत के बाद जब उनकी अंतिम यात्रा घर से निकली, तब किसी ने नहीं सोचा था कि कुछ ही मिनटों बाद उसी घर से पत्नी की भी अर्थी उठेगी। इस घटना ने परिवार, रिश्तेदारों और स्थानीय लोगों की आंखें नम कर दीं।
80 वर्षीय सरल कनौजिया का हुआ निधन
50 मीटर आगे बढ़ी अर्थी, फिर आई दुखद खबर
एक ही घर से उठीं दो अर्थियां
एक साथ हुआ अंतिम संस्कार
जानकारी के अनुसार, रतसर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 14 स्थित आनंद नगर निवासी 80 वर्षीय सरल कनौजिया का शनिवार रात निधन हो गया। उनके निधन के बाद परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। रविवार सुबह परिजनों और स्थानीय लोगों ने अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कीं।सुबह सरल कनौजिया की अर्थी घर से निकाली गई। परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और मोहल्ले के लोग अंतिम यात्रा में शामिल होकर उन्हें अंतिम विदाई देने जा रहे थे। माहौल पूरी तरह गमगीन था और सभी उनकी यादों में डूबे हुए थे।बताया जा रहा है कि सरल कनौजिया की अंतिम यात्रा घर से करीब 50 मीटर ही आगे बढ़ी थी कि पीछे से एक और दुखद खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया। घर पर मौजूद उनकी पत्नी मुन्निया देवी ने भी अचानक दम तोड़ दिया।यह खबर सुनते ही अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के कदम थम गए। किसी को विश्वास नहीं हो रहा था कि जिस घर से कुछ ही देर पहले पति की अर्थी निकली है, उसी घर में पत्नी का भी निधन हो गया है। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण वापस घर की ओर लौट आए।मुन्निया देवी के निधन के बाद पूरे परिवार में मातम और गहरा गया। इसके बाद दोनों के पार्थिव शरीरों को अंतिम संस्कार के लिए तैयार किया गया। ग्रामीणों और परिजनों की मौजूदगी में पति-पत्नी की अर्थियां एक साथ उठाई गईं।स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों पति-पत्नी ने जीवनभर एक-दूसरे का साथ निभाया और अंत समय में भी उनका साथ नहीं छूटा। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति को भावुक कर देने वाला था।दोनों की अंतिम यात्रा एक साथ निकाली गई और उन्हें अंतिम संस्कार के लिए एक ही स्थान पर ले जाया गया। परिवार के सदस्यों ने नम आंखों से दोनों को अंतिम विदाई दी। एक ही चिता स्थल पर दोनों का अंतिम संस्कार किया गया।ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में पहली बार ऐसा दृश्य देखा है, जब पति की अंतिम यात्रा के दौरान पत्नी के निधन की खबर आई हो और बाद में दोनों की अर्थियां एक साथ उठी हों। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।इस भावुक कर देने वाली घटना ने एक बार फिर यह एहसास कराया कि कुछ रिश्ते इतने गहरे होते हैं कि जीवन और मृत्यु भी उन्हें अलग नहीं कर पाती। बलिया के इस बुजुर्ग दंपती की कहानी सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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