मुख्य बिंदु
- Gold Rate Today: मुनाफावसूली से सोना-चांदी फिसले पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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दो महीने के उच्च स्तर के बाद सोने में गिरावट, फेड की ब्याज दर नीति और अमेरिकी महंगाई डेटा पर बाजार की नजर
Gold Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार को गिरावट देखने को मिली। हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बुलियन मार्केट पर दबाव बढ़ा। पिछले सत्र में सोना दो महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गया था, लेकिन बाद में इसमें तेज गिरावट आई और सप्ताह की बढ़त भी पूरी तरह खत्म हो गई।स्पॉट गोल्ड शुक्रवार को 0.5 फीसदी गिरकर 4,330.37 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में 0.8 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह 4,386.80 डॉलर प्रति औंस पर रहा।
दो महीने के उच्च स्तर से सोने में गिरावट
गुरुवार को सोने की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान स्पॉट गोल्ड 5 जून के बाद के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि, इसके बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी और सोना 1.3 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ।इस गिरावट के कारण सप्ताह के दौरान सोने की पूरी बढ़त समाप्त हो गई। शुक्रवार को भी निवेशकों की मुनाफावसूली जारी रहने से सोने पर दबाव बना रहा।
अमेरिकी फेड के फैसले पर बाजार की नजर
सोने की कीमतों की दिशा फिलहाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति से भी प्रभावित हो रही है। जुलाई में अमेरिका के उत्पादक मूल्य यानी Producer Prices में कोई बदलाव नहीं हुआ। वस्तुओं की कीमतों में गिरावट आई, जबकि सेवाओं की लागत में मामूली बढ़ोतरी हुई।यह आंकड़ा जुलाई के अपेक्षाकृत नरम उपभोक्ता महंगाई आंकड़ों के बाद आया है। इससे बाजार में उम्मीद बढ़ी है कि फेड सितंबर की बैठक में ब्याज दरों में बदलाव नहीं करेगा।हालांकि, क्लीवलैंड फेड की अध्यक्ष बेथ हैमैक ने ब्याज दरों को लेकर अलग रुख दोहराया है। उन्होंने आर्थिक वृद्धि और लगातार बनी महंगाई को नियंत्रित करने के लिए तत्काल ब्याज दर बढ़ाने का समर्थन किया है। फेड की नीति को लेकर यह मतभेद सोने के बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रहा है।
चांदी भी दबाव में
सोने के साथ चांदी की कीमत में भी शुक्रवार को गिरावट दर्ज की गई। स्पॉट सिल्वर 0.8 फीसदी गिरकर 63.92 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। हालिया तेजी के बाद चांदी में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली की।अन्य कीमती धातुओं में प्लैटिनम 1 फीसदी गिरकर 1,700.60 डॉलर प्रति औंस रहा। वहीं पैलेडियम में 0.3 फीसदी की गिरावट आई और यह 1,303.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। दोनों धातुएं 4 अगस्त के बाद के सबसे निचले स्तर पर कारोबार कर रही थीं।
भू-राजनीतिक तनाव से सुरक्षित निवेश की मांग
बुलियन मार्केट पर भू-राजनीतिक घटनाक्रम का भी असर बना हुआ है। अमेरिका की ओर से ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखने की चेतावनी और सीजफायर वार्ता में गतिरोध ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ाई है।ऐसे माहौल में सोने की सुरक्षित निवेश वाली मांग को समर्थन मिल सकता है। हालांकि, ब्याज दरों को लेकर उम्मीदों और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है।
केंद्रीय बैंक भी बढ़ा रहे हैं सोने में रुचि
सोने में केंद्रीय बैंकों की दिलचस्पी भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत बनी हुई है। अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन की एक फाइलिंग के अनुसार, बैंक ऑफ कोरिया के पास जून के अंत में SPDR Gold Trust के 6,79,765 शेयर थे, जिनकी कीमत करीब 250.4 मिलियन डॉलर थी।यह बैंक की ओर से 2013 के बाद पहली बार सामने आया घोषित गोल्ड निवेश था। केंद्रीय बैंकों की ओर से सोने में निवेश की रुचि लंबी अवधि में बुलियन बाजार के लिए सकारात्मक संकेत मानी जाती है।
फिलहाल निवेशकों की नजर अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों, फेड के अगले कदम, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और मुनाफावसूली के रुझान पर बनी हुई है। इन्हीं कारकों से आने वाले सत्रों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय हो सकती है।
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