मुख्य बिंदु
- Weather Update: MP- Rajasthan बारिश का कहर, हिमाचल में भूस्खलन का संकट पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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दो सक्रिय मौसम प्रणालियों के चलते मध्य और पूर्वी भारत में भारी बारिश, कई राज्यों में जनजीवन प्रभावि
Weather Update: देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश में बारिश के कारण जलभराव, सड़क बाधित होने और भूस्खलन जैसी घटनाएं सामने आई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
भोपाल में 24 घंटे में 7 इंच से ज्यादा बारिश
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बीते 24 घंटों में शहर में 7 इंच से अधिक वर्षा दर्ज की गई, जिससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति पैदा हो गई। 1,000 से ज्यादा घरों के आसपास 5 फीट तक पानी भर गया है। हालात को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों में दो दिन की छुट्टी घोषित कर दी है।
राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश
राजस्थान में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय है। पिछले 24 घंटों के दौरान हाड़ौती क्षेत्र के कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ जिलों में 12 इंच तक बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने राज्य के 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट और 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है।
हिमाचल में भूस्खलन से हादसा
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में नेशनल हाईवे-305 पर भूस्खलन की घटना सामने आई। चलती गाड़ी पर अचानक मलबा और चट्टानें गिरने से दो लोग घायल हो गए, जबकि वाहन पूरी तरह मलबे में दब गया। राज्य में लगातार बारिश के कारण 259 सड़कें, 161 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 54 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। चंडीगढ़-मनाली फोरलेन भी कई स्थानों पर बाधित हुआ है।
दो मौसम प्रणालियां करा रही हैं बारिश
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार उत्तर-पश्चिमी मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में बना लो-प्रेशर एरिया तथा सक्रिय मानसून ट्रफ इस समय मध्य भारत में भारी बारिश का मुख्य कारण हैं। IMD ने 11 और 12 अगस्त को पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है।
इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक और मौसम प्रणाली सक्रिय हो रही है, जिसके 12 अगस्त के आसपास लो-प्रेशर एरिया में बदलने की संभावना है। इसके प्रभाव से पूर्वी और मध्य भारत के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का दौर जारी रह सकता है।
अगले कुछ दिन अहम
मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय मानसूनी प्रणालियों के कारण मध्य और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
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