मुख्य बिंदु
- Pakistan: BLF का दावा- 48 अभियानों में 97 सैनिक ढेर पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
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Pakistan: BLF का दावा- 48 अभियानों में 97 सैनिक ढेर
बलूचिस्तान में सक्रिय उग्रवादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट (BLF) ने दावा किया है कि उसने जुलाई 2026 के दौरान 48 अलग-अलग अभियानों में 97 पाकिस्तानी सैनिकों और पांच कथित मुखबिरों को मार गिराया, जबकि 15 अन्य सैनिक घायल हुए। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है औरबलूचिस्तान में बढ़ते तनाव के बीच बीएलएफ ने जुलाई में 48 अभियानों में 97 पाकिस्तानी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
पाकिस्तान की ओर से भी इस संबंध में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बीएलएफ ने अपनी मासिक ऑपरेशनल रिपोर्ट जारी करते हुए कहा कि उसके लड़ाकों ने सैन्य ठिकानों, सुरक्षा बलों के काफिलों, संचार नेटवर्क और निगरानी ढांचे को निशाना बनाया। संगठन का कहना है कि इन अभियानों का उद्देश्य बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा व्यवस्था को कमजोर करना और संसाधनों के दोहन का विरोध करना था।
कई जिलों में कार्रवाई का दावा
बीएलएफ के प्रवक्ता मेजर ग्वहराम बलूच के अनुसार, जुलाई के दौरान संगठन ने काहान, चागई, खारन, कलात, मस्तुंग, खुजदार, बासिमा, मांड, टुम्प, क्वेटा, सुराब, जमुरान, पासनी, नाल, राखनी और कराची समेत कई इलाकों में अभियान चलाए।
संगठन ने दावा किया कि इन अभियानों में सेना के ठिकानों, आर्थिक परियोजनाओं और सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया। हालांकि इन दावों की पुष्टि किसी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक स्रोत से नहीं हुई है।
मस्तुंग हमले को बताया सबसे बड़ा ऑपरेशन
बीएलएफ ने 22 जुलाई को मस्तुंग के खादकोचा क्षेत्र में सैन्य काफिले पर किए गए हमले को महीने की सबसे बड़ी कार्रवाई बताया। संगठन का दावा है कि इस हमले में 17 सैनिक मारे गए, 10 अन्य घायल हुए और सैन्य काफिले को भारी नुकसान पहुंचा।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है।
सप्लाई लाइन बाधित करने का दावा
रिपोर्ट के मुताबिक, बीएलएफ ने दावा किया कि उसके लड़ाकों ने प्रमुख राजमार्गों पर नौ स्थानों पर नाकेबंदी कर सेना की सप्लाई लाइनों को बाधित किया। संगठन का कहना है कि उसने सात सैन्य काफिलों पर घात लगाकर हमला किया और कई सैन्य वाहनों को नुकसान पहुंचाया।
इसके अलावा छह बड़े सैन्य शिविरों और सात सुरक्षा चौकियों पर समन्वित हमले करने का भी दावा किया गया है।
ड्रोन और निगरानी उपकरण नष्ट करने का दावा
बीएलएफ के अनुसार, जुलाई के दौरान उसने हवाई निगरानी में इस्तेमाल होने वाले दो ड्रोन और तीन निगरानी कैमरे नष्ट किए। संगठन का यह भी दावा है कि उसकी कार्रवाइयों में 15 सैन्य वाहन तबाह हुए और सुरक्षा बलों से पांच आधुनिक हथियार कब्जे में लिए गए।
हालांकि इन सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
बलूचिस्तान में लगातार बढ़ रहा तनाव
बलूचिस्तान लंबे समय से सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। इस क्षेत्र में सक्रिय अलगाववादी संगठनों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच समय-समय पर हिंसक झड़पें होती रही हैं। ऐसे संगठनों द्वारा जारी किए जाने वाले दावों की पुष्टि अक्सर स्वतंत्र रूप से नहीं हो पाती, इसलिए इन्हें सावधानी के साथ देखा जाता है।
पाकिस्तानी सरकार का कहना है कि सुरक्षा बल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उग्रवादी गतिविधियों पर नियंत्रण के लिए अभियान चला रहे हैं, जबकि अलगाववादी संगठन लगातार सुरक्षा बलों पर हमलों के दावे करते रहे हैं।
नोट: इस रिपोर्ट में उल्लिखित हताहतों और सैन्य कार्रवाई से जुड़े सभी आंकड़े बीएलएफ के दावों पर आधारित हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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