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Haryana AQI: हरियाणा में प्रदूषण बढ़ा, AQI 300 पार

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हरियाणा में वायु प्रदूषण बढ़ने से कैथल, गुरुग्राम और फरीदाबाद समेत कई शहरों का AQI 300 के पार पहुंच गया। • Source: Jagran
Source : Jagran

मुख्य बिंदु

  • Haryana AQI: हरियाणा में प्रदूषण बढ़ा, AQI 300 पार पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
  • सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
  • ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
  • नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।

Haryana AQI: हरियाणा में जहरीली हुई हवा, कैथल-गुरुग्राम समेत कई शहरों में AQI 300 पार!

हरियाणा में बढ़ा वायु प्रदूषण, कई शहरों की हवा बेहद खराब

Haryana AQI: नवंबर की शुरुआत के साथ ही हरियाणा के कई शहरों में वायु प्रदूषण तेजी से बढ़ने लगा है। सुबह और शाम के समय ठंड बढ़ने के साथ हवा की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। कैथल, गुरुग्राम, फरीदाबाद और बहादुरगढ़ में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंच गया है। वहीं हिसार, भिवानी और सिरसा जैसे पश्चिमी जिलों में भी प्रदूषण का स्तर बढ़ा है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB), भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) और सफर के उपलब्ध समेकित आंकड़ों के अनुसार, 2 नवंबर की सुबह 8 बजे तक कैथल सबसे प्रदूषित शहर रहा। यहां AQI 324 दर्ज किया गया। इसके अलावा गुरुग्राम में 318, फरीदाबाद में 312 और बहादुरगढ़ में 305 AQI रिकॉर्ड किया गया। हवा की गुणवत्ता बिगड़ने से लोगों को सांस संबंधी परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

कैथल में सबसे ज्यादा प्रदूषण, गुरुग्राम-फरीदाबाद भी प्रभावित

हरियाणा के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर चिंताजनक बना हुआ है। 2 नवंबर की सुबह 8 बजे तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार शहरों का AQI इस प्रकार रहा:

शहर

AQI

श्रेणी

कैथल

324

बहुत खराब

गुरुग्राम

318

बहुत खराब

फरीदाबाद

312

बहुत खराब

बहादुरगढ़

305

बहुत खराब

सोनीपत

292

खराब

पानीपत

284

खराब

इन आंकड़ों से साफ है कि प्रदूषण की समस्या केवल दिल्ली-एनसीआर तक सीमित नहीं है, बल्कि हरियाणा के दूसरे जिलों में भी हवा की गुणवत्ता लगातार प्रभावित हो रही है।

हिसार, भिवानी और सिरसा में भी बढ़ा AQI

हरियाणा के पश्चिमी जिलों में भी वायु प्रदूषण बढ़ने लगा है। हिसार, भिवानी और सिरसा में 2 नवंबर की सुबह AQI में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। 1 नवंबर को शाम 4 बजे जारी CPCB के बुलेटिन में हिसार का AQI 133, भिवानी का 108 और सिरसा का 106 था। वहीं 2 नवंबर की सुबह उपलब्ध समेकित आंकड़ों में ये स्तर बढ़कर क्रमशः 188, 175 और 164 हो गए। हिसार में एक दिन के भीतर AQI में 55 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भी प्रदूषण का असर बढ़ रहा है।

PM2.5 और PM10 का स्तर भी बढ़ा

वायु प्रदूषण बढ़ने के साथ हवा में मौजूद सूक्ष्म कणों का स्तर भी चिंताजनक बना हुआ है। 2 नवंबर की समेकित रिपोर्ट के अनुसार, गुरुग्राम और फरीदाबाद के निगरानी केंद्रों पर PM2.5 का औसत स्तर 175 से 195 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया। वहीं हिसार और रोहतक में PM2.5 का स्तर 110 से 130 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा। इसके अलावा एनसीआर के सोनीपत, पानीपत और गुरुग्राम क्षेत्र में PM10 का स्तर 310 से 345 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया। गौरतलब है कि 24 घंटे के निर्धारित मानकों के अनुसार PM2.5 की सीमा 60 और PM10 की सीमा 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर है। ये आंकड़े प्रदूषक कणों की सांद्रता दर्शाते हैं, AQI नहीं।

धीमी हवा और ठंड से बढ़ रही प्रदूषण की समस्या

मौसम की परिस्थितियां भी प्रदूषण बढ़ने की एक बड़ी वजह बन रही हैं। समेकित रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में सतह पर हवा की गति 2.4 से 4.1 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच रही। सुबह के समय वातावरण की मिश्रण ऊंचाई 150 से 200 मीटर दर्ज की गई, जबकि सापेक्ष आर्द्रता 78 से 88 प्रतिशत के बीच रही। हवा की गति कम होने और वातावरण की मिश्रण ऊंचाई घटने से प्रदूषक कण आसानी से फैल नहीं पाते। ऐसे में ये कण जमीन के नजदीक वातावरण में जमा होने लगते हैं। IITM की 1 नवंबर की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में औसत दृश्यता भी 500 मीटर से कम दर्ज की गई।

प्रदूषित हवा में इन बातों का रखें ध्यान

खराब और बहुत खराब श्रेणी की हवा में लंबे समय तक रहने से स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है। इससे खांसी, गले में जलन और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या अन्य सांस संबंधी बीमारियों से परेशान लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

  • प्रदूषण अधिक होने पर लंबे समय तक खुले में रहने से बचें।

  • सुबह और शाम के समय बाहरी गतिविधियां सीमित रखें।

  • जरूरत पड़ने पर अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क पहनें।

  • सांस लेने में परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

  • स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की सलाह का पालन करें।

हरियाणा के कई शहरों में बढ़ता AQI चिंता का विषय बन गया है। ऐसे में मौसम में बदलाव और हवा की गति बढ़ने से ही प्रदूषकों के फैलाव में सुधार की उम्मीद की जा सकती है।

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Suhani

सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।

प्रकाशित तिथि: 02 Nov 2026
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