मुख्य बिंदु
- Flydubai Incident: यहूदियों को मारने की चर्चा, सोशल मीडिया पोस्ट से कट्टरपंथ के संकेत पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
- नीचे पूरा विस्तृत विवरण पढ़ें।
इजरायली अधिकारी के मुताबिक ओमानी को-पायलट के सोशल मीडिया पोस्ट की जांच जारी है!
Flydubai Incident: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार पर कथित चाकू हमले के बाद जांच में नए दावे सामने आए हैं। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, विमान के ओमानी को-पायलट के सोशल मीडिया अकाउंट्स में यहूदियों की हत्या से जुड़ी बातें मिलने का दावा किया गया है। हालांकि, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि घटना के मकसद और पूरे मामले की जांच अभी जारी है। यह घटना 30 सितंबर 2026 को फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान ओमानी नागरिक बताए जा रहे को-पायलट ने कथित तौर पर कॉकपिट में कैप्टन स्मित मछार पर हमला किया। हमले में भारतीय पायलट घायल हो गए, लेकिन उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिसके बाद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।
सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर क्या दावा किया गया?
‘द टाइम्स ऑफ इजरायल’ ने एक इजरायली अधिकारी के हवाले से बताया कि आरोपी को-पायलट के सोशल मीडिया अकाउंट्स में यहूदियों को मारने की बातों का उल्लेख था। अधिकारी ने दावा किया कि पोस्ट्स से कथित तौर पर जिहादी विचारधारा से प्रभावित होने के संकेत मिलते हैं। उसी अधिकारी के अनुसार, हमलावर ने विमान में मौजूद अमीराती क्रू सदस्यों से उसे मार डालने के लिए भी कहा था। अधिकारी ने यात्रियों के साथ हुई बातचीत के आधार पर इन दावों का उल्लेख किया। हालांकि, ये जानकारी जांच से जुड़े अधिकारियों के दावे हैं और मामले की अंतिम तस्वीर आधिकारिक जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
नेतन्याहू ने भी कट्टरपंथ का दावा किया
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी फ्लाईदुबई घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा कि शुरुआती जानकारी के अनुसार को-पायलट कथित तौर पर कट्टरपंथी इस्लामी विचारधारा से प्रभावित हुआ था। फॉक्स न्यूज से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा कि यह जानकारी आरोपी की व्यक्तिगत पृष्ठभूमि और उपलब्ध सूचनाओं से सामने आ रही है। हालांकि, बाद की रिपोर्टों में यह भी सामने आया कि घटना के पीछे वास्तविक मकसद को लेकर जांच जारी थी। सीबीएस न्यूज से बातचीत में नेतन्याहू ने कहा था कि उस समय हमले के उद्देश्य को लेकर निश्चित निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
कैप्टन स्मित मछार ने दिखाई सूझबूझ
हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मछार ने विमान को बचाने में अहम भूमिका निभाई। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे यात्रियों और अन्य लोगों को अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू करने का मौका मिला। इसके बाद विमान में मौजूद अतिरिक्त पायलटों ने नियंत्रण संभाला और फ्लाइट को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया। भारतीय और इजरायली अधिकारियों ने कैप्टन मछार की भूमिका की सराहना की है।
कई एजेंसियां कर रही हैं जांच
घटना के बाद सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और इजरायल से जुड़ी एजेंसियां मामले की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं। जांच का एक अहम हिस्सा यह पता लगाना है कि हमलावर ने ऐसा कदम क्यों उठाया और क्या वह अकेले काम कर रहा था। रॉयटर्स के मुताबिक, इजरायली अधिकारियों ने शुरुआती आकलन में उसके अकेले कार्रवाई करने की संभावना जताई है, लेकिन जांच अभी जारी है। यूएई ने भी घटना के संभावित आतंकी पहलू और इसकी पूर्व नियोजित प्रकृति की जांच शुरू की है। फिलहाल, सोशल मीडिया पोस्ट और कथित कट्टरपंथी विचारधारा से जुड़े दावे जांच का हिस्सा हैं। अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
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