मुख्य बिंदु
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Maha Navami 2026: महा नवमी पर देशभर के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, मां सिद्धिदात्री की हुई विशेष पूजा
नई दिल्ली: Maha Navami 2026 के पावन अवसर पर शारदीय नवरात्र के नौवें दिन देशभर के प्रमुख मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्तों ने मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली, ज्ञान तथा अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। वाराणसी, नई दिल्ली और मध्य प्रदेश के देवास सहित कई धार्मिक स्थलों पर विशेष पूजा, आरती और पारंपरिक अनुष्ठानों का आयोजन किया गया। नवरात्र के अंतिम दिन मंदिरों में सुबह से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया। घंटियों की गूंज, माता रानी के जयकारों और भक्ति गीतों से मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा की और मां दुर्गा के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
Maha Navami 2026: वाराणसी के सिद्धिदात्री मंदिर में उमड़े भक्त
उत्तर प्रदेश के वाराणसी में प्रसिद्ध मां सिद्धिदात्री देवी मंदिर में महा नवमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। भक्तों ने मां सिद्धिदात्री की पूजा की और नवरात्र के अंतिम दिन विशेष अनुष्ठानों में भाग लिया। मां सिद्धिदात्री को मां दुर्गा का नौवां स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी आराधना से आध्यात्मिक उन्नति, ज्ञान और सिद्धियों की प्राप्ति होती है। समाचार एजेंसी IANS से बातचीत में मंदिर के पुजारी बच्चा लाल मिश्रा ने महा नवमी पर मां सिद्धिदात्री की पूजा का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि जो भक्त किसी कारणवश नवरात्र के दौरान अन्य देवियों की पूजा नहीं कर पाए, वे अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री के दर्शन करके सभी नौ स्वरूपों का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
दिल्ली के झंडेवालान मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना
देश की राजधानी नई दिल्ली में भी महा नवमी के अवसर पर धार्मिक उत्साह देखने को मिला। प्रसिद्ध झंडेवालान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दुर्गा के दर्शन करने पहुंचे। भक्तों ने मंदिर में पूजा-अर्चना की और धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। नवरात्र के समापन के अवसर पर मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से परिवार की खुशहाली, सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की।
देवास की माता टेकरी पर हजारों श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मध्य प्रदेश के देवास स्थित माता टेकरी पर भी महा नवमी के दिन हजारों श्रद्धालु पहुंचे। यहां चामुंडा माता और तुलजा भवानी मंदिरों में भक्तों ने पूजा-अर्चना की। कई श्रद्धालुओं ने सुबह की आरती में हिस्सा लिया, जबकि कुछ भक्त अपनी मन्नत पूरी होने पर घुटनों के बल चलकर मंदिर तक पहुंचे। देवास के चामुंडा माता मंदिर को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, इस स्थान को रक्त पीठ माना जाता है। ऐसी धार्मिक मान्यता है कि यहां देवी सती के रक्त का अंश गिरा था। तुलजा भवानी माता मंदिर के पुजारी मुकेश नाथ ने IANS से बातचीत में देवास के धार्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यहां देवी की स्वयंभू प्रतिमा विराजमान है और चामुंडा माता का इतना विशाल स्वरूप अन्यत्र देखने को नहीं मिलता।
मां शारदा शक्तिपीठ में भी उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
महा नवमी के अवसर पर त्रिकूट पहाड़ी पर स्थित मां शारदा शक्तिपीठ में भी श्रद्धालुओं ने दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर को पीले और लाल रंग की सजावट से सजाया गया, जिससे वहां का वातावरण और भी भक्तिमय हो गया। मां सिद्धिदात्री की पारंपरिक विधि से पूजा की गई। भक्तों ने पुष्प, प्रसाद और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की।
महा नवमी पर क्यों की जाती है मां सिद्धिदात्री की पूजा?
शारदीय नवरात्र का नौवां दिन महा नवमी के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में उन्हें आध्यात्मिक ज्ञान, सिद्धियों और मनोकामनाओं की पूर्ति से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन मंदिरों और घरों में विशेष पूजा, हवन, आरती और भोग अर्पित करने की परंपरा है। कई परिवारों में कन्या पूजन भी किया जाता है। इस अनुष्ठान में छोटी कन्याओं को देवी के स्वरूप के रूप में सम्मान दिया जाता है और उन्हें भोजन कराया जाता है। महा नवमी के साथ शारदीय नवरात्र के नौ दिनों की पूजा का समापन होता है। देशभर में श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की आराधना कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
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