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Vedanta News: डीमर्जर के बाद निवेशकों का बढ़ा भरोसा

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डीमर्जर के बाद Vedanta में बढ़ा निवेशकों का भरोसा, रिटेल शेयरधारकों और FII हिस्सेदारी में मजबूत इजाफा. • Source: Jagran
Source : Jagran

मुख्य बिंदु

  • Vedanta News: डीमर्जर के बाद निवेशकों का बढ़ा भरोसा पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
  • सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
  • ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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Vedanta में जून 2026 तिमाही के दौरान 4.9 लाख नए रिटेल शेयरधारक जुड़े, जबकि FII हिस्सेदारी भी 13.93% से बढ़कर 15.77% हुई।

Vedanta News: अनिल अग्रवाल की Vedanta Limited ने डीमर्जर के बाद निवेशकों के बीच अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। जून 2026 को समाप्त तिमाही में कंपनी के साथ करीब 4.9 लाख नए रिटेल शेयरधारक जुड़े। इसके साथ ही विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।

निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ऐसे समय में सामने आई है, जब Vedanta ने वित्तीय और परिचालन मोर्चे पर भी मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है।

Vedanta में जुड़े 4.9 लाख नए रिटेल निवेशक

कैपिटलाइन के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में Vedanta के शेयरधारकों की संख्या में लगभग 4.9 लाख की वृद्धि हुई। यह वृद्धि ट्रैक की गई कंपनियों में सबसे ज्यादा रही।

इस मामले में Vedanta ने Wipro, Bajaj Auto, HDFC Bank और Reliance Industries जैसी बड़ी कंपनियों को पीछे छोड़ दिया। हालांकि इन कंपनियों में भी रिटेल निवेशकों की संख्या बढ़ी, लेकिन Vedanta में दर्ज वृद्धि सबसे अधिक रही।

इसके विपरीत Tata Motors PV, Yes Bank, Suzlon Energy, Adani Green Energy और BHEL जैसी कुछ कंपनियों में रिटेल शेयरधारकों की संख्या में गिरावट देखने को मिली।

FII ने भी बढ़ाई हिस्सेदारी

Vedanta में सिर्फ छोटे निवेशकों का भरोसा नहीं बढ़ा है। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भी कंपनी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाई है।

31 मार्च 2026 को Vedanta में FII की हिस्सेदारी 13.93% थी, जो 30 जून 2026 तक बढ़कर 15.77% हो गई। भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों का रुझान कमजोर रहने के बीच Vedanta में FII हिस्सेदारी का बढ़ना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह बदलाव कंपनी के डीमर्जर, वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य की कमाई की संभावनाओं को लेकर निवेशकों के भरोसे का संकेत माना जा सकता है।

कम P/E और 13% Dividend Yield

Vedanta के शेयर को आकर्षक बनाने वाले प्रमुख कारणों में इसका वैल्यूएशन और डिविडेंड भी शामिल है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी का P/E Ratio 5.9 है, जबकि इसकी Dividend Yield करीब 13% बताई गई है।

कम P/E और मजबूत डिविडेंड यील्ड का यह संयोजन उन निवेशकों को आकर्षित कर सकता है, जो वैल्यूएशन के साथ नियमित आय पर भी ध्यान देते हैं।

ऑपरेशनल प्रदर्शन में भी मजबूती

Vedanta के निवेशकों के भरोसे के पीछे कंपनी का मजबूत तिमाही प्रदर्शन भी एक अहम वजह है। जून तिमाही में कंपनी का निरंतर परिचालन से होने वाला लाभ सालाना आधार पर 152% बढ़कर 5,294 करोड़ रुपये पहुंच गया।

वहीं कंपनी का EBITDA करीब 98% बढ़कर 8,469 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी ने तिमाही के दौरान अपने शुद्ध कर्ज में भी 2,200 करोड़ रुपये से अधिक की कमी की।

कर्ज घटने से कंपनी की बैलेंस शीट और वित्तीय स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Vedanta Demerger के बाद बढ़ी बाजार की दिलचस्पी

Vedanta के डीमर्जर के बाद अलग-अलग कारोबार को स्वतंत्र कंपनियों के रूप में विकसित करने की रणनीति ने भी बाजार का ध्यान खींचा है। डीमर्जर के बाद सूचीबद्ध हुई नई Vedanta कंपनियों का संयुक्त मार्केट कैप पहली तिमाही में 71,000 करोड़ रुपये से अधिक बढ़ा।

इससे संकेत मिलता है कि बाजार समूह के अलग-अलग कारोबार को अधिक केंद्रित और स्वतंत्र कंपनियों के रूप में देखने को सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहा है।

Hindustan Zinc का भी मजबूत प्रदर्शन

Vedanta समूह की प्रमुख कंपनी Hindustan Zinc ने भी जून तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया। मजबूत चांदी की कीमतों, बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी और लागत नियंत्रण से कंपनी को फायदा मिला।

Hindustan Zinc ने इस दौरान 11 रुपये प्रति शेयर के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान भी किया। इससे Vedanta समूह की शेयरधारकों को रिटर्न देने की रणनीति को और मजबूती मिली।

निवेशकों की नजर अब आगे के प्रदर्शन पर

Vedanta में रिटेल निवेशकों की संख्या और FII हिस्सेदारी में बढ़ोतरी डीमर्जर के बाद कंपनी की बदलती तस्वीर को दर्शाती है। मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, कर्ज में कमी, आकर्षक वैल्यूएशन और बेहतर डिविडेंड ने निवेशकों का ध्यान खींचा है।

हालांकि शेयर बाजार में किसी भी निवेश से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, जोखिमों और मौजूदा वैल्यूएशन का स्वतंत्र रूप से आकलन करना जरूरी है। आने वाली तिमाहियों में Vedanta का कैश फ्लो, कर्ज और अलग-अलग कारोबारों का प्रदर्शन निवेशकों के लिए प्रमुख संकेतक रहेंगे।

TAGS: VedantaNews VedantaDemerger AnilAgarwal StockMarket FIIInvestment
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Suhani

सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।

प्रकाशित तिथि: 08 Aug 2026
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