मुख्य बिंदु
- Dakshineswar Train Incident: ट्रेन पर गिरी बिजली की तार, मची अफरा-तफरी पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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Dakshineswar Train Incident: ट्रेन पर गिरी बिजली की तार, मची अफरा-तफरी
कोलकाता के दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन पर एक बड़ा रेल हादसा उस समय टल गया, जब ओवरहेड इलेक्ट्रिक (OHE) तार टूटकर चलती लोकल ट्रेन पर गिर गया। तार के ट्रेन से संपर्क में आते ही तेज चिंगारियां निकलने लगीं, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
बताया जा रहा है कि यह घटना 29 जुलाई की रात करीब 8:50 बजे पश्चिम बंगाल के दक्षिणेश्वर रेलवे स्टेशन के पास हुई। डंकुनी-सियालदह डाउन लोकल ट्रेन ओवरहेड इलेक्ट्रिक सिस्टम में तकनीकी खराबी के कारण रुकी हुई थी। इसी दौरान OHE की लाइव बिजली की तार ट्रेन पर गिर गई, जिससे ट्रेन की छत पर तेज चिंगारियां निकलने लगीं।
चिंगारियां देखकर यात्री ट्रेन से उतरकर भागे
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रेन की छत से लगातार चिंगारियां निकल रही हैं, जबकि यात्री अपनी सुरक्षा के लिए ट्रेन से उतरकर इधर-उधर भाग रहे हैं। स्टेशन पर कुछ देर के लिए दहशत का माहौल बन गया।
रेलवे ने तुरंत काटी बिजली सप्लाई
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने तत्काल प्रभावित सेक्शन की बिजली सप्लाई बंद कर दी। इसके बाद खराब OHE तार की मरम्मत के लिए टावर वैगन मौके पर भेजा गया। मरम्मत कार्य देर रात तक चलता रहा, जिसके कारण दोनों रेल लाइनों पर ट्रेनों का परिचालन कई घंटों तक प्रभावित रहा।
रेलवे अधिकारियों ने पहले ट्रैक और बिजली व्यवस्था की पूरी तरह जांच की, उसके बाद ही सेवाओं को धीरे-धीरे बहाल किया गया।
कैसे बची यात्रियों की जान?
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन की धातु (Metallic Body) ने 'फैराडे केज' (Faraday Cage) की तरह काम किया। इसी वजह से बिजली का करंट ट्रेन के अंदर मौजूद यात्रियों तक नहीं पहुंचा और बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि OHE तार टूटने का वास्तविक कारण क्या था। मामले की जांच की जा रही है।
व्यस्त रूट पर घंटों प्रभावित रही सेवाएं
सियालदह-डंकुनी कॉरिडोर पश्चिम बंगाल के सबसे व्यस्त उपनगरीय रेल मार्गों में से एक है। इस रूट पर प्रतिदिन हजारों यात्री सफर करते हैं। घटना के बाद कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ और यात्रियों को लंबे समय तक स्टेशनों पर इंतजार करना पड़ा। कई लोगों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए अन्य परिवहन साधनों का सहारा लिया।
जांच जारी
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की तकनीकी जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही OHE तार टूटने के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल रेलवे ने यात्रियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है।
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