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Manmohan Singh Coal Case: 11 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत, खत्म हुई कार्रवाई

सुप्रीम कोर्ट ने कोयला आवंटन मामले में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बड़ी राहत दी। करीब 11 साल बाद उनके खिलाफ चल रही सभी कानूनी कार्यवाही समाप्त कर दी गई।

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Source: NDTV
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मुख्य बिंदु

  • Manmohan Singh Coal Case: 11 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत, खत्म हुई कार्रवाई पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
  • सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
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Manmohan Singh Coal Case: 11 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने दी बड़ी राहत, खत्म हुई कार्रवाई

नई दिल्ली: पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को कोयला ब्लॉक आवंटन (कोलगेट) मामले में लगभग 11 साल बाद बड़ी कानूनी राहत मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए उनके खिलाफ चल रही कार्यवाही को समाप्त कर दिया। अदालत ने कहा कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को खारिज करने का कोई ठोस आधार नहीं था।

2015 का वह दिन जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे मनमोहन सिंह

यह मामला 1 अप्रैल 2015 का है, जब तत्कालीन पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा जारी समन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। उस दिन सुप्रीम कोर्ट परिसर में असामान्य हलचल देखने को मिली थी क्योंकि देश के पूर्व प्रधानमंत्री के मामले पर सुनवाई होनी थी।

सुनवाई शुरू होने से पहले खबर आई कि उनकी दो बेटियां—उपिंदर सिंह और दमन सिंह—अदालत की कार्यवाही देखने के लिए कोर्ट पहुंचेंगी। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था के चलते शुरुआत में उनके साथ मौजूद एसपीजी कर्मियों को कोर्ट परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली। बाद में दिल्ली पुलिस के एक डीसीपी की निगरानी में दोनों को कोर्ट रूम नंबर-9 तक पहुंचाया गया।

30 मिनट की सुनवाई और समन पर लगी रोक

उस समय न्यायमूर्ति वी. गोपाला गौड़ा और न्यायमूर्ति सी. नागप्पन की पीठ ने मामले की सुनवाई की थी। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के नेतृत्व में कानूनी टीम ने डॉ. मनमोहन सिंह की ओर से पक्ष रखा।

करीब 30 मिनट चली सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई की विशेष अदालत द्वारा जारी समन पर रोक लगा दी। अदालत के फैसले के बाद उनकी बेटियों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। हालांकि उन्होंने मीडिया से कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

2024 में हुआ निधन, लेकिन मामला चलता रहा

डॉ. मनमोहन सिंह का निधन वर्ष 2024 में हो गया, लेकिन उनके खिलाफ मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित रहा। इसके बाद भी अदालत में इस मामले पर कानूनी प्रक्रिया जारी रही।

11 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने खत्म की कार्रवाई

29 जुलाई 2026 को भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया। अदालत ने कहा कि उसने सीबीआई द्वारा दाखिल दोनों क्लोजर रिपोर्ट का अध्ययन किया और पाया कि उन्हें खारिज करने का कोई ठोस कारण नहीं था।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि 11 मार्च 2015 के उस फैसले को रद्द किया जाता है, जिसके तहत डॉ. मनमोहन सिंह को मुकदमे का सामना करने के लिए तलब किया गया था। इसके साथ ही उनके खिलाफ सभी न्यायिक कार्यवाहियां समाप्त कर दी गईं।

कपिल सिब्बल ने कहा- यह एक महान आत्मा के लिए न्याय का दिन

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता और सांसद कपिल सिब्बल ने कहा,

"यह एक महान आत्मा के लिए न्याय का दिन है। उन्हें राजनीतिक कारणों से प्रताड़ित किया गया। यह फैसला दिखाता है कि कभी-कभी व्यवस्था एक सम्मानित व्यक्ति के साथ भी गंभीर अन्याय कर सकती है।"

मुख्य बातें (Highlights)

  • सुप्रीम कोर्ट ने मनमोहन सिंह के खिलाफ कोयला आवंटन मामले की कार्यवाही समाप्त की।
  • सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट को स्वीकार करते हुए अदालत ने समन रद्द किया।
  • यह मामला 2015 से सुप्रीम कोर्ट में लंबित था।
  • पूर्व प्रधानमंत्री ने 2015 में सीबीआई अदालत के समन को चुनौती दी थी।
  • कपिल सिब्बल ने फैसले को "एक महान आत्मा के लिए न्याय" बताया।

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Suhani

सुहानी TMINS में Content Writer के रूप में कार्यरत हैं। उनकी विशेषज्ञता Technology और Trending Topics से जुड़े समाचार, फीचर लेख और विश्लेषण तैयार करने में है। वह नवीनतम टेक्नोलॉजी अपडेट्स, डिजिटल ट्रेंड्स और वायरल विषयों पर लगातार नज़र रखती हैं तथा शोध आधारित, तथ्यात्मक और सरल भाषा में कंटेंट तैयार करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक समय पर विश्वसनीय, उपयोगी और सटीक जानकारी पहुँचाना है।

प्रकाशित तिथि: 30 Jul 2026
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