मुख्य बिंदु
- Tiger Shroff Firing Case: Minor's Father Seeks Investigation पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
- ऐतिहासिक संदर्भ और बाज़ार/सामाजिक प्रभाव का विश्लेषण।
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Tiger Shroff Firing Case: नाबालिग के दिव्यांग पिता बोले- 'टाइल-पत्थर लगाना सीख रहा था बेटा, किसी ने फंसाया तो नहीं?'
Tiger Shroff Firing Case: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में राजस्थान पुलिस ने कोटा से तीन संदिग्धों को पकड़ा है। इनमें सोनीपत का एक नाबालिग भी शामिल है। बेटे की गिरफ्तारी की खबर से उसके दिव्यांग पिता हैरान हैं। उनका कहना है कि उनका बेटा टाइल-पत्थर लगाने का काम सीख रहा था। पिता ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आशंका जताई है कि कहीं किसी ने उनके बेटे को इस मामले में फंसाया तो नहीं है।
बेटे की गिरफ्तारी से हैरान हैं पिता
टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में पकड़े गए नाबालिग के पिता नरेश ने अपने बेटे को लेकर कई बातें बताई हैं। उनके मुताबिक, उनका बेटा 13 तारीख को घर आया था। इसके बाद वह फिर घर से चला गया। परिवार को इस बात की जानकारी नहीं है कि वह कहां गया और किन लोगों के संपर्क में आयानरेश का कहना है कि उन्हें यह भी नहीं पता कि उनका बेटा मुंबई कैसे पहुंचा और इस मामले से उसका संबंध कैसे जुड़ गया। बेटे की गिरफ्तारी की खबर सुनकर परिवार हैरान है। पिता ने घटना को गलत बताते हुए जांच की मांग की है। उन्होंने आशंका जताई कि कहीं किसी ने उनके बेटे को इस मामले में फंसाया तो नहीं है। हालांकि, इस आशंका की पुष्टि करने वाला कोई तथ्य सामने नहीं आया है। पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि नाबालिग की इस मामले में क्या भूमिका थी।
टाइल-पत्थर लगाने का काम सीख रहा था बेटा
नरेश के अनुसार, उनका बेटा टाइल और पत्थर लगाने का काम सीख रहा था। परिवार की परिस्थितियों को देखते हुए यह खबर उनके लिए और भी परेशान करने वाली है। पिता का कहना है कि उन्हें बेटे की गतिविधियों के बारे में पूरी जानकारी नहीं थी। उन्होंने सवाल उठाया कि उनका बेटा किन लोगों के संपर्क में आया और वह घर से निकलने के बाद कहां-कहां गया, इसकी जांच होनी चाहिए। परिवार को उम्मीद है कि पुलिस पूरे मामले की पड़ताल करेगी और सच्चाई सामने लाएगी। फिलहाल, नाबालिग के पिता की ओर से लगाए गए संदेह की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां मामले में संदिग्धों की भूमिका और उनके आपसी संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं।
सोनीपत का रेहान भी पकड़ा गया
इस मामले में सोनीपत के देवरू गांव के रहने वाले रेहान को भी पकड़े जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि रेहान अपनी मां के साथ रहता है और उसका एक छोटा भाई भी है। पुलिस इस मामले में संदिग्धों के बीच संबंधों की जांच कर रही है। जांच का एक अहम पहलू यह पता लगाना है कि नाबालिग और अन्य संदिग्ध एक-दूसरे के संपर्क में कैसे आए और कथित फायरिंग की घटना से उनका क्या संबंध है।
पुलिस का दावा- रेहान ने नाबालिग को जोड़ा
कोटा पुलिस की एसपी तेजस्वनी गौतम ने इस कार्रवाई के संबंध में जानकारी दी है। पुलिस के मुताबिक, मामले में पकड़े गए संदिग्धों के बीच संपर्कों की जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि रेहान ने नाबालिग को इस मामले से जोड़ा था। हालांकि, पुलिस के दावों और संदिग्धों की वास्तविक भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। मामले में शामिल लोगों के बीच क्या बातचीत हुई और उनकी कथित योजना क्या थी, इन पहलुओं की भी पड़ताल जरूरी है।
पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस से पकड़े गए संदिग्ध
राजस्थान पुलिस के अनुसार, तीनों संदिग्ध पुणे-जयपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रहे थे। पुलिस ने कोटा रेलवे स्टेशन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ा। इस कार्रवाई के बाद टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले की जांच में नया मोड़ आया है। पुलिस अब संदिग्धों से पूछताछ कर मामले से जुड़े तथ्यों और संभावित कड़ियों की जांच कर रही है। फिलहाल, इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि नाबालिग का कथित फायरिंग की घटना से क्या संबंध था और वह मुंबई कैसे पहुंचा। उसके पिता ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। अब पुलिस की जांच और आगे सामने आने वाले तथ्यों से ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।
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