मुख्य बिंदु
- Rajinikanth: सुपरस्टारडम से ज्यादा बस कंडक्टर की नौकरी से था लगाव पर विस्तृत जानकारी और ताज़ा अपडेट।
- सरकारी अधिकारियों और ज़मीनी संवाददाताओं के मुख्य बयान।
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Rajinikanth Bus Conductor: सुपरस्टारडम से ज्यादा बस कंडक्टर की नौकरी को मिस करते हैं रजनीकांत, जानें वजह
Rajinikanth Bus Conductor: साउथ सिनेमा के सुपरस्टार रजनीकांत आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। उनकी फिल्मों और अभिनय का देशभर में बड़ा प्रशंसक वर्ग है। लेकिन इतने बड़े स्टार बनने के बाद भी रजनीकांत अपने पुराने दिनों को नहीं भूले हैं। हाल ही में उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें सुपरस्टार बनने से ज्यादा बस कंडक्टर की नौकरी पसंद थी और वह आज भी उस दौर को याद करते हैं। रजनीकांत ने यह बात अपनी आगामी फिल्म जेलर 2 के प्रचार के दौरान कही। फिल्म के निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार के साथ बातचीत में अभिनेता ने अपनी जिंदगी के शुरुआती दिनों और सादगी के बारे में खुलकर बात की।
बस कंडक्टर की नौकरी को आज भी करते हैं याद
जेलर 2 के प्रचार के लिए पारंपरिक ऑडियो लॉन्च के बजाय एक विशेष शो रिकॉर्ड किया गया, जिसका प्रसारण Sun NXT पर हुआ। इस कार्यक्रम में फिल्म की टीम ने फिल्म से जुड़े अनुभवों और निजी जिंदगी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इसी दौरान नेल्सन दिलीपकुमार ने रजनीकांत से पूछा कि उनकी विनम्रता स्वाभाविक है या वह दूसरों के सामने ऐसा व्यवहार बनाए रखते हैं। इसके जवाब में रजनीकांत ने कहा कि उन्हें अभिनय करना पसंद है, लेकिन बस कंडक्टर के रूप में काम करना उन्हें उससे भी ज्यादा पसंद था। उन्होंने बताया कि उन्होंने करीब पांच साल तक कंडक्टर की नौकरी की थी और आज भी उस समय को याद करते हैं। अभिनेता ने कहा कि वह खुद को कभी केवल एक स्टार के रूप में नहीं देख पाए। उनके लिए बस कंडक्टर की पहचान आज भी खास मायने रखती है।
बेंगलुरु से आज भी जुड़ाव महसूस करते हैं अभिनेता
रजनीकांत ने बातचीत के दौरान बताया कि वह अक्सर बेंगलुरु भी जाते हैं। उनके मुताबिक, बस कंडक्टर के रूप में काम करते समय उन्हें अलग-अलग तरह के लोगों से मिलने और बातचीत करने का मौका मिलता था। उन्होंने अपनी पुरानी नौकरी से जुड़ाव जाहिर करते हुए कहा कि वह खुद को बस कंडक्टर के रूप में ज्यादा पहचानते हैं। नेल्सन से बातचीत के दौरान उन्होंने इसी संदर्भ में सवाल किया कि उनके जैसा एक बस कंडक्टर किसी बड़ी हस्ती के सामने कैसा व्यवहार करेगा। रजनीकांत के इस बयान ने उनके प्रशंसकों को उनके संघर्ष के दिनों की याद दिलाई है। उनका सफर इस बात का उदाहरण है कि बड़ी सफलता हासिल करने के बाद भी इंसान अपनी पुरानी पहचान और अनुभवों से जुड़ा रह सकता है।
फिल्मों में आने से पहले क्या करते थे रजनीकांत?
रजनीकांत का असली नाम शिवाजी राव गायकवाड़ है। उनका जन्म बेंगलुरु में एक मराठी परिवार में हुआ था। कम उम्र में उन्होंने रामकृष्ण मठ में वेदों की शिक्षा प्राप्त की। इसी दौरान उनकी आध्यात्मिकता में रुचि बढ़ी और नाटकों में भाग लेने के कारण अभिनय के प्रति उनका आकर्षण भी विकसित हुआ। स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने कई तरह के काम किए। इनमें कुली और बस कंडक्टर की नौकरी भी शामिल थी। बाद में उन्होंने मद्रास फिल्म इंस्टीट्यूट में पढ़ाई की, जहां उनकी मुलाकात निर्देशक के. बालाचंदर से हुई। बालाचंदर ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें फिल्मों में अवसर दिया। उन्होंने ही शिवाजी राव गायकवाड़ को रजनीकांत नाम दिया, ताकि अभिनेता शिवाजी गणेशन से किसी तरह का भ्रम न हो। फिल्मों में काम करने के लिए रजनीकांत ने तमिल भाषा भी सीखी। इसके बाद उन्होंने अपने अभिनय और खास अंदाज से फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान बनाई।
Jailer 2 को लेकर चर्चा में हैं रजनीकांत
रजनीकांत अब अपनी फिल्म जेलर 2 को लेकर चर्चा में हैं। यह उनकी 2023 में रिलीज हुई सफल फिल्म जेलर का सीक्वल है। फिल्म का निर्देशन नेल्सन दिलीपकुमार ने किया है। रजनीकांत इससे पहले 2024 में लाल सलाम और वेट्टैयन तथा 2025 में कुली में नजर आए थे। आने वाले समय में उनके पास निर्देशक अश्वथ मारिमुथु की फिल्म धर्मन भी है, जिसे कमल हासन प्रोड्यूस कर रहे हैं। इसके अलावा, रजनीकांत और कमल हासन नेल्सन की एक अन्य फिल्म में भी साथ नजर आने वाले हैं।
सफलता के बावजूद पुरानी पहचान नहीं भूले रजनीकांत
रजनीकांत का बस कंडक्टर से सुपरस्टार तक का सफर उनके प्रशंसकों के लिए प्रेरणादायक रहा है। हालिया बातचीत में उन्होंने जिस तरह अपनी पुरानी नौकरी को याद किया, उससे पता चलता है कि उनके लिए सफलता का मतलब केवल शोहरत नहीं है। Rajinikanth Bus Conductor से जुड़ा उनका यह बयान अब चर्चा में है। अभिनेता ने साफ किया कि फिल्मों की दुनिया में बड़ी पहचान बनाने के बावजूद वह अपने पुराने दिनों और बस कंडक्टर के रूप में बिताए समय को आज भी खास मानते हैं।
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